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देवरिया: पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के बीच नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण यहां कई जिलों के गावों पर बाढ़ का संकट गहराने लगा है। लोगों में भारी दहशत है। धीरे-धीरे बढ़ता जलस्तर कई गांवों तक पहुंच चुका है जबकि दर्जनों गांव पहले से ही बाढ़ की समस्या से घिरे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित कई क्षेत्रों में सरकार और प्रशासन द्वारा लोगों के आवागमन के लिये नावों की व्यस्था कर दी गयी है। इसके अलावा अन्य तरह की सुविधाएं भी बहाल की जा रही है।
बाढ़ की बढ़ती समस्या के मद्देनजर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने आज देवरिया समेत कई जनपदों के बाढ़ क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान मंत्रियों ने देवरिया में अधिकारियों संग समीक्षा बैठक भी की। इस मौके पर सांसद रविन्द्र कुशवाहा, विधायक जनमेजय सिंह सहित अन्य जन प्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी समीक्षा बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक में जनपद की विभिन्न नदियों पर बने 40 बन्धों की स्थिति के संदर्भ में मंत्रियों द्वारा जानकारी ली गयी। इस मौके पर उन्होंने जनपद में बाढ़ से जन, धन का नुकसान रोकने के लिये अधिकारियों को ठोस प्रबंध करने के निर्देश भी दिये।
बैठक के बाद यूपी सरकार के दोनों मंत्रियों ने बताया कि जनपद देवरिया के तीन गाँवों का सम्पर्क कटा है। स्थिति पर मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारी लगातार नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से जान-माल के नुकसान को रोकने के लिये सरकार और अधिकारी जरूरी कार्यों में जुटे हुए है।
उप जिलाधिकारी बरहज ने बताया कि बरहज के विशुनपुर दियारा क्षेत्र में 14 , परसिया में 3, भदिला प्रथम में 10, बरहज पटेल नगर में 1 , तेलिया अफगान में 2 तथा मइल देवरहवा बाबा आश्रम में 1 नाव लोगो के आवागमन के लिये लगा दी गयी है। उन्होंने बताया कि पशुओं के चारे की दिक्कत है, जिसकी ब्यवस्था कराने का प्रयास हो रहा है।
Published : 7 August 2020, 6:52 PM IST
Topics : उत्तर प्रदेश खतरा जनजीवन देवरिया नदी जलस्तर बाढ़ बैठक संकट
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