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देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेद्र सिंह रावत द्वारा भरे जनता दरबार में फरियादी शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा को निलंबित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी पार्टियां इस मामले को लेकर सीएम रावत के खिलाफ लगातार लामबंद होती जा रही है। कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी भी इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री पर हमलावर हो गयी है।
सीएम द्वारा शिक्षिका को निलंबित करने के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को लैंसडाउन चौक पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। सीएम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे आप कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्यमंत्री द्वारा जनता दरबार में इस तरह की कार्यवाही निंदनीय और राज्य के सभी शिक्षकों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है। आप ने कहा ऐसा निर्णय लेना मुख्यमंत्री की गरिमा के खिलाफ है। शिक्षक समुदाय मुख्यमंत्री को कभी माफ नहीं करेगा।
गौरतलब है कि राजधानी देहरादून में गुरुवार को मुख्यमंत्री के न्यू कैंट रोड स्थित आवास पर लगे जनता दरबार में एक शिक्षिका उत्तरा पंत बहुगुणा अपनी ट्रांसफर की मांग को लेकर पहुंची थी। जनता दरबार में त्रिवेंद्र सिंह रावत शिक्षिका की बातों पर भड़क गए। इश दौरान शिक्षिका और सीएम के बीच तू तू-मैं मैं भी हुई। गुस्साये सीएम ने वहीं बैठे-बैठे शिक्षिका को सस्पेंड करने का आदेश सुना दिया और उसे जनता दरबार से बाहर निकलवा दिया।
जनता दरबार में शिक्षिका द्वारा हंगामा करने के कारण काफी देर तक सीएम आवास पर अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। सीएम ने वहां मौजूद महिला पुलिस से बहस करने वाली शिक्षिका को बाहर ले जाना को कहा। सीएम के आदेश पर महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और थाने ले आई।
Published : 30 June 2018, 6:10 PM IST
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