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रायबरेली: जनपद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम विघा भूषण पाण्डेय ने दहेज़ हत्या के मामले में मृतक महिला के पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में मृतका के मृतकालीन के बयान व डाक्टर के बयान को आधार बनाते हुए न्यायालय ने अभियुक्त के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आजीवन कारावास व 15 हज़ार रुपए अर्थ दंड की सज़ा सुनाई है ।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार मामला वर्ष 2019 में रायबरेली जिले के सरेनी थाना क्षेत्र में घटित हुआ।
मरने से पहले मृतक महिला ने दिया बयान
सहायक शासकीय अधिवक्ता दिनेश बहादुर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2019 में रायबरेली जिले के सरेनी थाना क्षेत्र में एक विवाहिता को दहेज के लिए ससुराल पक्ष ने जिंदा जला दिया था। उसके कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई थी। मरने से पहले मृतक महिला ने बयान दिया था कि दहेज के लिए उसके ससुराल में पति व अन्य लोगों ने मिलकर उसे जिंदा जला दिया था। इसके बाद मृतक महिला के पिता बिंदा प्रसाद की तहरीर पर मृतक महिला के पति महिपाल,विघावती,मेडई,अनीता के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज करवा दिया था।
पांच साल तक चला मुकदमा
पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके विवेचना की। पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। फिर दीवानी न्यायालय में 5 साल तक मुकदमा चला। इस मुकदमे में आज फैसला आया है। मृतक महिला के पति महिपाल को न्यायधीश ने दोषी माना है और उसे इस जुर्म के लिये उम्र कैद की सजा 15000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पति को मिला आजीवन कारावास
इस मामले में शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले में गवाही के दौरान साक्ष्य में मृतका के पिता बिन्दा प्रसाद, सूर्य पाल भाई एवं सुख देई माता अपने-अपने बयानो से न्यायालय मे पलट गए थे। कड़ी पैरवी और मृतका के मृतकालीन बयान एवं अभियोजन साक्ष्यों व बयानो को आधार बनाते हुए आरोपी पति को आजीवन कारावास एवं 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई है।
Published : 28 August 2024, 6:27 PM IST
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