हिंदी
नई दिल्ली: यहां की अदालत ने सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर कथित रूप से अपने बैग में कारतूस ले जाने को लेकर शस्त्र अधिनियम के तहत लगाए गए आरोपों से एक महिला को बरी कर दिया।
अदालत ने कहा कि महिला को ‘झूठा फंसाए’ जाने की बात को खारिज नहीं किया जा सकता। ऋतिका के खिलाफ इस मामले की सुनवाई अपर मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) आशीष गुप्ता कर रहे थे।
अभियोजन के मुताबिक, मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर नियमित जांच के दौरान 15 नवंबर, 2021 को महिला के बैग में दो कारतूस पाए गये थे।
एसीएमएम गुप्ता ने सोमवार को अपने फैसले में कहा, ‘‘आरोपी को झूठा फंसाए जाने को खारिज नहीं किया जा सकता और अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप को साबित करने में नाकाम रहा है। तदनुसार, आरोपी को शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत अपराध के आरोप से बरी किया जाता है।’’
शास्त्री पार्क मेट्रो थाना ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
Published : 27 June 2023, 9:00 PM IST
No related posts found.