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नई दिल्ली: नवरात्रि के नौ दिन मां के 9 रूपों की पूजा होती है। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा अराधना की जाती है। मां चंद्रघंटा की पूजा से शांति और वैभव की प्राप्ति होती है, साथ ही भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
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मां चंद्रघंटा के मस्तक में घंटे का आकार का अर्धचंद्र है इसलिए इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है। मां चंद्रघंटा शेर पर सवारी करती हैं और इनके दसों हाथों में अस्त्र-शस्त्र हैं। माँ चंद्रघंटा की आराधना करने वालों भक्तों का अहंकार नष्ट होता है और उनकी पूजा से भय से मुक्ति मिलती है और अपार साहस प्राप्त होता है।
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मां चन्द्रघंटा पूजा मंत्र
मां चन्द्रघंटा की पूजा करते समय इस मंत्र का जाप करे।
या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
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ऐसे करें मां मां चन्द्रघंटा की
मां को केसर और केवड़ा जल से मां को स्नान करायें और सुनहरे या भूरे रंग के वस्त्र पहनाएं। मां को लाल रंग का फूल, ताम्बे का सिक्का अर्पित करें और हलवा या मेवे का भोग लगायें।
Published : 20 March 2018, 10:52 AM IST
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