राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार करना भगवान के प्रति अनादर है

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को सम्मानपूर्वक अस्वीकार करने के कांग्रेस आलाकमान के फैसले के कुछ घंटों बाद, केरल की प्रभावशाली नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) ने बुधवार को कहा कि राजनीतिक आधार पर कार्यक्रम का बहिष्कार करना भगवान के प्रति अनादर है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 11 January 2024, 4:10 PM IST
google-preferred

कोट्टायम: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को 'सम्मानपूर्वक अस्वीकार' करने के कांग्रेस आलाकमान के फैसले के कुछ घंटों बाद, केरल की प्रभावशाली नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) ने बुधवार को कहा कि राजनीतिक आधार पर कार्यक्रम का बहिष्कार करना 'भगवान के प्रति अनादर' है।

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने निमंत्रण अस्वीकार करते हुए भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए इसे 'राजनीतिक कार्यक्रम' बनाने का आरोप लगाया और कहा कि धर्म एक 'व्यक्तिगत मामला' है।

एनएसएस ने कांग्रेस के रुख की परोक्ष रूप से आलोचना करते हुए एक बयान में कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में, यदि संभव हो तो भाग लेना प्रत्येक आस्तिक का कर्तव्य है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार बयान में कहा गया है कि आयोजन में भाग लेने के लिए जाति या धर्म देखने की जरूरत नहीं है। एनएसएस के महासचिव जी सुकुमारन नायर की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'राजनीति के नाम पर समारोह का बहिष्कार करना भगवान के प्रति अनादर है। यदि कोई संगठन या राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहा है, तो यह केवल उनके स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के लिए है।'

Published : 
  • 11 January 2024, 4:10 PM IST

Advertisement
Advertisement