रिश्‍तेदारों के लिए टिकट का जुगाड़ कर रहे भाजपा सांसदों को पार्टी का झटका

डीएन ब्यूरो

भाजपा यूपी में लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए नेताओं के रिश्तेदारों को 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में टिकट नहीं देगी। दरअसल कई सांसदो ने पार्टी से अपने रिश्तेदारों के लिए विधानसभा का टिकट मांगा है। इस बाबत पिछले दिनों सीएम आवास पर भाजपा कोर कमेटी की हुई बैठक में यह तय किया गया है।


लखनऊ: प्रदेश में 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुये हैं। वहीं सत्ताधारी पार्टी भाजपा इस उपचुनाव को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। इसका कारण ये है की पार्टी का उपचुनावों का अनुभव अक्सर खराब ही रहा है।

इसको ध्यान में रखते हुए 12 सीटों को जिताने की जिम्मेदारी यूपी सरकार के कई मंत्रियों को दी गई है। मसलन कानपुर की गोविंदनगर सीट के लिये डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट के लिए मंत्री बृजेश पाठक, लखनऊ की कैंट सीट के लिए मंत्री आशुतोष टंडन को जिम्मेदारी दी गई है।

लखनऊ में भाजपा कार्यालय का द्वार

उपचुनावों के लिए यह है भाजपा की खास रणनीति

किसी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसका पार्टी कैडर होता है। इसी को ध्यान मे रखते हुये उपचुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पुराने और मेहनती कार्यकर्ताओं को तरजीह देने की है। पार्टी का मानना है की इससे पार्टी कॉडरों का उत्साह बढ़ेगा और वंशवाद और परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर हमलावर रहने वाली पार्टी को जनता के सामने विपक्ष के सवालों का सामना करने मे परेशानी नही होगी।

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