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उतरौला (बलरामपुर): नाला निर्माण में मानकों की धज्जियां उड़ाने के मामले में जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश के आदेश पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका उतरौला के तहरीर पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध स्थानीय थाना कोतवाली उतरौला में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
विदित हो कि नगर पालिका परिषद उतरौला के वार्ड नंबर एक मोहल्ला गांधीनगर में नाला निर्माण के लिए 55 लाख रुपए आवंटित किया गया था। इस नाला निर्माण में फर्श व दीवाल के निर्माण में न केवल पीले ईंट का प्रयोग किया जा रहा था बल्कि सीमेंट व मोरंग के मिलान के अनुपात में घोर अनियमितता बरती जा रही थी। निर्माणाधीन नाले के दौरान मानसून की पहली बारिश होते ही नाले का दीवाल ढह गया जिसके चलते मानक विहीन नाला निर्माण की पोल खुल गयी। हालांकि इसी ठेकेदार को कस्बे के अन्य नालों के निर्माण का जिम्मा सौंपा गया है। जिसमें भी संबंधित ठेकेदार द्वारा बिना फर्श का निर्माण कराए, पीले ईट से प्रयुक्त होने वाले सीमेंट बालू के मिलान के अनुपात में घोर अनियमितता बरती जा रही है।

डाइनामाइट न्यूज ने जब इस मामले को प्रकाशित किया तब जाकर प्रशासन की नींद टूटी और अपर जिलाधिकारी बलरामपुर अरुण कुमार शुक्ला ने उप जिलाधिकारी भरत लाल सरोज तथा नगर पालिका परिषद उतरौला के जेई की एक टीम गठित करके तकनीकी जांच करने का फरमान जारी किया।
इसी दौरान मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ईओ उतरौला को निर्देशित किया कि अपने स्तर से संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध सरकारी धन के दुरुपयोग करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराए जाने का निर्देश दिया। अधिशासी अधिकारी अवधेश कुमार वर्मा ने संबंधित ठेकेदार एजाज मलिक के विरुद्ध नाला निर्माण में की जा रही मानकों की अनदेखी तथा सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया है।
Published : 4 July 2018, 3:39 PM IST
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