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नयी दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों लिए वित्तपोषण एक चुनौती बना हुआ है और इसलिए ऐसे विकल्प पेश करना जरूरी है जो लागत को समायोजित करने में मदद कर सकें तथा इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाले वाहनों की लागत के बराबर ला सकें। सीआईआई ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही।
ओएमआई के सहयोग से तैयार की गई यह रिपोर्ट ‘रोडमैप फॉर फ्यूचर मोबिलिटी 2030’ पर कई रिपोर्ट की श्रृंखला का एक हिस्सा है।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ इलेक्ट्रिक वाहन के लिए वाहन वित्तपोषण एक चुनौती बना हुआ है। इसलिए ऐसे विकल्प पेश करना जरूरी है जो लागत को समायोजित करने में मदद कर सकें और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को आंतरिक दहन इंजन मॉडल की लागत के बराबर ला सकें। ’’
रिपोर्ट में एक ‘स्क्रैप’ नीति की शुरुआत का भी आह्वान किया गया, जो समय सीमा समाप्त होने वाले वाहनों (ईएलवी) को हटाने की आवश्यकता पर आधारित है।
Published : 18 July 2023, 2:37 PM IST
Topics : Automobile CII electric India अवसर इलेक्ट्रिक वाहन फंडिंग भारत