Crime in Bihar: बिहार में अचानक क्यों बढ़ा अपराधियों का बोलबाला? जानिये ये विस्फोटक स्थिति
बिहार में पिछले कुछ दिनों से अपराध के मामले अचानक बढ़ गये हैं। अब मुंगेर से भी एक ही चिंताजनक मामला सामने आया है। पढिए डाइनामाइट न्यूज की रिपोर्ट

मुंगेर: बिहार में पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे प्रदेश के पुलिस प्रशासन पर अनेक सवाल उठ रहे हैं। मुंगेर जिले में सोमवार को एक बार फिर पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों ने हमला किया है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक खडगपुर थाने को डायल 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि फसियाबाद के ग्रामीणों द्वारा दो व्यक्तियों को बंधक बनाकर उनके साथ मारपीट की जा रही है।
पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची, तो वहां मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई। पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 28 नामजद लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया गया। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि सामुदायिक भवन के पास बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं एकत्रित थे। भवन के अंदर कुछ लोगों को बंधक बनाकर दो व्यक्तियों के साथ मारपीट की जा रही थी।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाते हुए बंधक बनाए गए व्यक्तियों को बचा लिया। उनकी पहचान विक्की कुमार और संजेश कुमार के रूप में हुई।
ग्रामीणों का आरोप था कि गोविंद कुमार अपने छोटे भाई अंकुश कुमार को शौच के लिए ले जा रहे थे, तभी सामुदायिक भवन के पास मोटरसाइकिल सवार तीन लोगों ने गोविंद का फोन छीन लिया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने विक्की और संजय को बंधक बना लिया।
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पुलिस पदाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भीड़ को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने उनकी एक भी बात नहीं मानी। स्थिति बिगड़ने पर जब पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले जाने लगे, तो कुछ व्यक्तियों ने हंगामा करते हुए पुलिस पर हमला कर दिया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हालांकि, इससे पहले एक और दुःखद घटना घटित हुई, जब एएसआई संतोष कुमार सिंह पर हमले के कारण उनकी मौत हो गई। इस मामले ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों का बोलबाला है। इस बयान पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी साध रखी है।
बिहार में लगातार बढ़ते अपराध और पुलिसकर्मियों पर हो रहे हमलों ने प्रशासन की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। क्या यह राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक बिगाड़ेगा? यह एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।