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इलाहाबाद: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य के विधायकों और सांसदों के खिलाफ लंबित 500 आपराधिक मामलों को विशेष अदालत में भेज दिया है, जहां इन मामलों की त्वरित सुनवाई हो सकेगी। हाई कोर्ट की इस पहल के बाद आपराधिक मामलों में लिप्त जन-प्रतिनिधियों पर कानूनी शिकंजा कसना तय हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के पर जन-प्रतिनिधियों के खिलाफ अदालतों में लंबित आपराधिक मुकदमों की शीघ्र सुनवाई के लिये कुछ माह पहले ही यूपी में विशेष अदालत का गठन किया गया था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डीबी भौसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ ने सोमवार को कहा कि राज्य के विधायकों और सासंदों के खिलाफ अलग-अलग अदालतों में लगभग 800-900 आपराधिक मुकदमे लंबित है, जिनमें से 500 मामलों को विशेष अदालत में सुनवाई के लिये भेज दिया गया है। बाकी लंबित मुकदमों को अगले 15 दिनों के भीतर ट्रांसफर कर दिया जायेगा।
मुख्य न्यायाधीश डीबी भौसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सोमवार को उक्त बातें कही। यह जनहित याचिका जौनपुर निवासी सूरज कुमार यादव द्वारा गोसाईगंज सीट से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खाबू के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे की शीघ्र सुनवाई के लिये दायर की गयी थी।
Published : 8 October 2018, 7:10 PM IST
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