हिंदी
सोनभद्र: छत्तीसगढ़ के जंगलों से निकलकर यूपी के गोबिंद बल्लभ पंत सागर (Govind Ballabh Pant Sagar) में विलय हुई चर्चित अजीर नदी का जलस्तर सोमवार की रात एक बजे के बाद खतरे का निशान पार कर गई। नदी में पानी का बहाव इतना तेज था कि पुल के ऊपर लगभग तीन फीट पानी बढ़ने से रात एक बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक रेणुकूट-बीजपुर (Renukut-Bijpur) सड़क मार्ग पर आवागमन पुरी तरह से बन्द हो गया।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक नदी के दोनों तरफ सड़क पर वाहनों की दूर तक लंबी कतार लग गई। मौके पर उफान देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। पानी की रफ्तार से अजीरेश्वर धाम मंदिर (Ajireshwar Dham Mandir) की बनी बाउंड्री और कुछ सीढ़ियों को क्षति पहुंची।
मंगलवार सुबह खिसका जलस्तर
बताया गया कि बाउंड्री और सीढ़ी का कुछ हिस्सा पानी के बहाव में टूट गया है। गौरतलब हो कि जुलाई माह में दो बार और अगस्त में एक बार भारी बारिश के कारण लगभग दस वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ कर नदी का रौद्र रूप तीसरी बार लोगों को देखने के लिये मिला है। मंगलवार सुबह आठ बजे जलस्तर खिसकने के बाद यात्री बसें सहित निजी वाहनों और परियोजना में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों का आना जाना शुरू हुआ।
Published : 28 August 2024, 7:54 AM IST
Topics : Ajir River Dynamite News Govind Ballabh Pant Sagar Sonbhadra अजीर नदी अजीरेश्वर धाम मंदिर गोबिंद बल्लभ पंत सागर छत्तीसगढ़ सोनभद्र