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स्टुअर्ट ब्रॉड ने एशेज 2025-26 में गस एटकिंसन के खराब प्रदर्शन पर निराशा जताई। इंग्लैंड वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 से पीछे है। ब्रॉड ने कहा कि एटकिंसन में क्षमता और तकनीक है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी बॉडी लैंग्वेज और दबाव में आत्मविश्वास में सुधार की जरूरत है।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड (Img: Internet)
London: इंग्लैंड के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ स्टुअर्ट ब्रॉड ने एशेज 2025-26 सीरीज़ के दौरान गस एटकिंसन के प्रदर्शन को लेकर अपनी निराशा जाहिर की। इंग्लैंड वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1-3 से पिछड़ रहा था और टीम फाइनल टेस्ट के लिए सिडनी जा रही थी। एटकिंसन पर काफी उम्मीदें थीं, क्योंकि इंग्लैंड 2018 में एशेज हारने के बाद टीम को फिर से जीतने की कोशिश कर रही थी। ब्रॉड ने माना कि एटकिंसन में क्षमता तो है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी बॉडी लैंग्वेज और दबाव संभालने की शैली में सुधार की जरूरत है।
एशेज के इस सीज़न में एटकिंसन ने तीन टेस्ट मैच खेले और केवल छह विकेट ही ले पाए। उनका बॉलर औसत 47.33 और स्ट्राइक रेट 73 रहा। चौथे टेस्ट के दौरान मेलबर्न में उन्हें हैमस्ट्रिंग की चोट लगी, जिससे उन्हें पांचवें टेस्ट से बाहर होना पड़ा। ब्रॉड ने कहा कि एटकिंसन की तेज़ गेंदबाज़ी की क्षमता पर कोई शक नहीं है, लेकिन उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी बॉडी लैंग्वेज और दबाव में रहकर प्रदर्शन पर काम करने की जरूरत है।
एशेज सीरीज (Img: Internet)
ब्रॉड ने स्काई स्पोर्ट्स से कहा, "एटकिंसन में शानदार खूबियां हैं। वह सीम पर मूव कर सकते हैं, गेंद स्विंग करा सकते हैं और लंबी गेंदबाज़ी करने की क्षमता रखते हैं। उनकी स्किल में कोई कमी नहीं है, लेकिन टेस्ट मैच के दबाव में उनकी बॉडी लैंग्वेज मजबूत नहीं दिखती। यह वही क्षेत्र है जिस पर उन्हें सुधार करना होगा।"
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ब्रॉड ने जोर दिया कि टॉप टीमों के खिलाफ खेलते समय यह और भी जरूरी हो जाता है कि खिलाड़ी हावी बने और टीम को विश्वास दिलाए। उन्होंने कहा, "सिर्फ स्किल या दबाव को संभालने की क्षमता काफी नहीं है। आपको यह दिखाना होगा कि आप इस ग्रुप को लीड कर रहे हैं।"
ब्रॉड ने एटकिंसन को यह सलाह दी कि वह विरोधी बल्लेबाज़ों के सामने कभी कमजोर न दिखें। उन्होंने गोल्फ के दिग्गज टाइगर वुड्स का उदाहरण दिया। ब्रॉड ने कहा, "मैंने पढ़ा था कि टाइगर वुड्स खेलते समय हमेशा नज़रें क्षितिज की ओर रखते थे और ज़मीन की तरफ नहीं देखते थे। इससे उनके विरोधी यह नहीं समझ पाते थे कि वे दबाव में हैं। इसी तरह एटकिंसन को भी लगातार शांत और मजबूत स्वभाव बनाए रखना चाहिए। इससे विरोधी टीम पर मानसिक दबाव बढ़ता है और वे हावी नहीं हो पाते।"
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ब्रॉड ने साफ किया कि गस एटकिंसन में प्रतिभा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में सफलता सिर्फ तकनीक पर नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता और बॉडी लैंग्वेज पर भी निर्भर करती है। उनका मानना है कि अगर एटकिंसन अपनी उपस्थिति और आत्मविश्वास को बेहतर बनाते हैं, तो इंग्लैंड को आगामी मुकाबलों में फायदा होगा।