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परवीन और अंकुश फाइनल में पहुंचे (सोर्स- एक्स )
New Delhi: भारतीय मुक्केबाजों ने एशियाई खेलों में एक बार फिर अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। हांगझोउ एशियन गेम्स के रिंग से भारत के लिए बहुत ही गर्व और उत्साह बढ़ाने वाली खबरें सामने आई हैं। देश के दो प्रतिभाशाली मुक्केबाजों ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर फाइनल में प्रवेश कर लिया है और अब वे स्वर्ण पदक से महज एक कदम दूर हैं। वहीं, एक अन्य मुक्केबाज ने कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया है। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक सफर की पूरी कहानी।
भारत की स्टार महिला मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने 65 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की मजबूत खिलाड़ी ली शु को 5-0 से करारी शिकस्त दी। इस शानदार जीत के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक के मुकाबले में अपनी जगह पक्की कर ली है। परवीन के लिए यह सफर आसान नहीं रहा था। इससे पहले उन्हें अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) की ओर से व्हेयरअबाउट्स से जुड़ी तकनीकी विफलताओं के चलते 22 महीने के लंबे निलंबन का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण उनका पिछला पदक भी छिन गया था।
इन तमाम मुश्किलों और मानसिक दबाव को पीछे छोड़ते हुए परवीन ने रिंग में वापसी की और अपनी ताकत साबित कर दी। वह एशियन गेम्स के इतिहास में फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। अब पूरे देश की निगाहें उनके आगामी स्वर्ण पदक मुकाबले पर टिकी हुई हैं।
पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल ने इतिहास रचते हुए 80 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल का टिकट कटा लिया है। एशियन गेम्स में अपना डेब्यू कर रहे अंकुश ने सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के दिग्गज और 75 किग्रा वर्ग के मौजूदा विश्व चैंपियन फज्लिद्दीन एर्किनबोएव को 4-1 से पराजित किया।
मुकाबले की शुरुआत में उज्बेक मुक्केबाज ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पहला राउंड 4-1 से अपने नाम कर लिया था। ऐसा लगा कि मुकाबला हाथ से निकल रहा है, लेकिन अंकुश ने अद्भुत मानसिक दृढ़ता दिखाई। दूसरे राउंड में उन्होंने अपनी गति और रणनीति में बदलाव किया, लगातार सटीक पंच जड़े और राउंड 3-2 से अपने पक्ष में कर लिया। अंत में स्प्लिट डिसीजन के आधार पर चार जजों ने अंकुश के हक में फैसला सुनाया। इसके साथ ही अंकुश पिछले आठ वर्षों में एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं।
दूसरी ओर, भारत के पुरुष मुक्केबाज नरेंदर को 90+ किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें कजाखस्तान के मजबूत मुक्केबाज ऐबेक ओरलबाय के खिलाफ सर्वसम्मत फैसले में 0-5 से हार मिली।
भले ही नरेंदर फाइनल में जगह बनाने से चूक गए, लेकिन उन्होंने पोडियम फिनिश हासिल करते हुए देश के लिए कांस्य पदक पक्का कर लिया। इस प्रकार, भारतीय मुक्केबाजी दल ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है और देश को एक बार फिर खेल के मैदान में गौरवान्वित किया है।
Location : New Delhi
Published : 29 September 2026, 3:41 PM IST