Kajari Teej 2026: चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में कच्चा दूध मिलाना क्यों माना जाता है बेहद शुभ? जानें महादेव से जुड़ा खास रहस्य

31 अगस्त 2026 को मनाई जाने वाली कजरी तीज पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। इस पावन अवसर पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में कच्चा दूध मिलाने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद मिलता है, जिससे वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है और कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है।

Updated : 22 August 2026, 11:33 AM IST
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New Delhi: सुहागिन महिलाओं के सबसे बड़े पर्वों में से एक कजरी तीज इस साल 31 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात को चंद्र दर्शन व अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करती हैं। इस पावन अवसर पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय जल में कच्चा दूध मिलाने की विशेष परंपरा है। आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व।

क्यों है कच्चे दूध का इतना खास महत्व?

हिंदू धर्म में गाय के कच्चे दूध को अत्यंत पवित्र और सात्विक माना जाता है। किसी भी बड़े अनुष्ठान या पूजा-पाठ में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए कच्चे दूध का उपयोग अनिवार्य माना गया है। कजरी तीज के मौके पर जब व्रतधारी महिलाएं चंद्रमा को जल अर्पित करती हैं, तो उस जल में कच्चा दूध, अक्षत (चावल) और गंगाजल मिलाया जाता है। यह विधान पूजन को पूर्णता प्रदान करता है।

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महादेव और चंद्रमा का गहरा संबंध

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। चंद्रमा को भगवान शिव का आभूषण माना जाता है। यही वजह है कि जब जल में कच्चा दूध मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है, तो इससे सीधे तौर पर महादेव और माता पार्वती की असीम कृपा प्राप्त होती है। इस उपाय से महिलाओं को अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

कुंडली में मजबूत होता है चंद्रमा

ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से भी अर्घ्य के जल में कच्चा दूध मिलाना बेहद शुभ माना जाता है। इससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। जिन जातकों की कुंडली में चंद्र दोष होता है, उन्हें इससे राहत मिलती है। इसके अलावा, मानसिक तनाव दूर होता है और पति-पत्नी के बीच आपसी प्रेम बढ़कर अनावश्यक कलह-कलेश हमेशा के लिए समाप्त हो जाते हैं।

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कजरी तीज 2026 शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 30 अगस्त 2026 को सुबह 9:36 मिनट पर होगी और इसका समापन 31 अगस्त 2026 को सुबह 8:50 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर कजरी तीज का यह व्रत 31 अगस्त को ही रखा जाएगा।

Disclaimer: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं।

Location :  New Delhi

Published :  22 August 2026, 11:27 AM IST

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