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बसंत पंचमी
New Delhi: बसंत पंचमी का पर्व इस वर्ष 23 जनवरी 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह दिन ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। देशभर में स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और घरों में बच्चे नई किताबों, पेंसिल और कलम के साथ सरस्वती पूजा करते हैं। बसंत पंचमी को नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में नवीनीकरण का प्रतीक माना जाता है।
बसंत पंचमी का विशेष महत्व विद्यार्थियों के लिए होता है। इस दिन विद्यारंभ संस्कार, पुस्तक पूजन और लेखन की शुरुआत शुभ मानी जाती है। पीले वस्त्र धारण करना, पीले फूल अर्पित करना और पीले पकवान बनाना इस पर्व की पहचान है। मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से बुद्धि, स्मरण शक्ति और रचनात्मकता में वृद्धि होती है।
बसंत पंचमी केवल मां सरस्वती की आराधना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिन भगवान शिव से भी विशेष रूप से जुड़ा हुआ है। सनातन परंपरा के अनुसार, बसंत पंचमी से भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। इस दिन भोलेनाथ का तिलकोत्सव मनाया जाता है।
भगवान शिव का तिलकोत्सव
विवाह से पहले दूल्हे का तिलक करने की परंपरा के तहत शिव जी को दूल्हा मानकर विधिवत तिलक लगाया जाता है। शिव जी के मस्तक पर हल्दी और चंदन का तिलक किया जाता है और उन्हें गुलाल से सजाया जाता है। यह रस्म शिव-पार्वती विवाह की मंगल शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है।
काशी, देवघर के बैजनाथ धाम, मिथिलांचल और अन्य प्रमुख शिव धामों में बसंत पंचमी पर शिव तिलकोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक आयोजन और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और शिव जी को तिलक, कुमकुम और चंदन अर्पित करते हैं। महिलाएं परंपरागत रूप से बारात का न्योता देती हैं, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो जाता है।
बसंत पंचमी के बाद शिव भक्तों की नजरें महाशिवरात्रि पर टिक जाती हैं। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह उत्सव पूर्ण होता है। महाशिवरात्रि की रात चारों प्रहर में शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और जागरण का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस रात्रि जागरण करने से आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
बसंत पंचमी और उससे जुड़ा शिव तिलकोत्सव सनातन संस्कृति की गहरी परंपराओं को दर्शाता है। यह पर्व न केवल ज्ञान और भक्ति का संदेश देता है, बल्कि जीवन में उल्लास, संतुलन और सकारात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करता है।
Location : New Delhi
Published : 23 January 2026, 12:46 PM IST
Topics : Basant Panchami 2026 Mahashivratri 2026 Date Saraswati Puja Shiv Tilakotsav Shiva Parvati Vivah
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