
बसपा सुप्रीमो मायावती (Image Source: Internet)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने बिजली कटौती और कम आपूर्ति को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि प्रदेश के करोड़ों लोग इस समय बिजली संकट से जूझ रहे हैं और खास तौर पर गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारी और मेहनतकश तबका सबसे ज्यादा परेशान है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि बिजली संकट ने आम लोगों का जीवन बेहद कठिन बना दिया है। उन्होंने लिखा कि गरीब परिवार, किसान और छोटे व्यापारी इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लगातार कटौती के कारण खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है, छोटे कारोबार ठप पड़ रहे हैं और आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि बिजली संकट को लेकर लोगों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है और इसकी चर्चा लगातार मीडिया में भी हो रही है। मायावती ने सरकार से अपील की कि वह जनता की परेशानियों को गंभीरता से ले और बिजली आपूर्ति सुधारने के लिए तत्काल जरूरी कदम उठाए।
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की कम अपूर्ति व कटौती आदि की आम शिकायतों व उसको लेकर विशेषकर ग़रीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारियों व अन्य करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बना हुआ है तथा इसको लेकर लोग विभिन्न रूपों में…
— Mayawati (@Mayawati) May 22, 2026
मायावती ने सिर्फ मौजूदा संकट पर सवाल नहीं उठाए, बल्कि आगे की जरूरतों को लेकर भी सरकार को सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को नए पावर प्लांट स्थापित करने और बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में गंभीर प्रयास करने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बढ़ती आबादी और गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए बिजली व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
भीषण गर्मी और बिजली कटौती से चंदौली में भड़का जनआक्रोश, बबुरी पावर हाउस का ग्रामीणों ने किया घेराव
इससे पहले मायावती ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आए आंधी-तूफान को लेकर भी सरकार से राहत कार्य तेज करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि तेज आंधी और तूफान के कारण कई परिवारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। कई लोगों के घर उजड़ गए और जान-माल का भी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से अपील की थी कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए पूरी उदारता दिखाई जाए और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी सामान्य तरीके से शुरू कर सकें।
अघोषित बिजली कटौती पर गुस्साए निवासियों ने किया धरनाप्रदर्शन, क्रमिक अनशन की दी चेतावनी
मायावती ने महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का सीधा असर गरीबों, किसानों और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी से खेती-किसानी, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा के खर्चों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसका असर आम परिवारों के पालन-पोषण पर साफ दिखाई देगा।
Location : Lucknow
Published : 22 May 2026, 2:25 PM IST
Topics : BSP Electricity Crisis Mayawati Power Crisis UP News