संसद सत्र से पहले 7 सांसदों के फोन बंद! शिंदे गुट का बड़ा दांव, क्या फिर टूटने वाली है उद्धव ठाकरे की शिवसेना?

महाराष्ट्र की राजनीति में मॉनसून सत्र से पहले बड़ा भूचाल! शिवसेना (UBT) के 7 सांसदों के फोन बंद होने के बाद संजय राउत ने लगाया 15-15 करोड़ के ऑफर का आरोप। शिंदे गुट ने कहा- असली हिंदुत्व के लिए दरवाजे खुले हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 17 June 2026, 11:36 AM IST

Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ठीक वैसी ही पटकथा लिखी जा रही है, जिसने दो साल पहले महाविकास अघाड़ी (MVA) की सरकार को गिरा दिया था। लेकिन इस बार लड़ाई विधानसभा की नहीं, बल्कि लोकसभा और संसद के आगामी मॉनसून सत्र के 'व्हिप' (Whip) की है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के भीतर एक बड़ी बगावत की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

खबरों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों से अचानक संपर्क टूट गया है और उनके मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। इस सियासी भूचाल के बीच पार्टी के सबसे मुखर नेता और सांसद संजय राउत ने एक बेहद सनसनीखेज आरोप लगाया है। राउत का दावा है कि उनके सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये के भारी-भरकम प्रलोभन के 'टोकन' दिए जा रहे हैं।

संसद के मॉनसून सत्र से पहले 'व्हिप' का नया चक्रव्यूह

इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा और नया एंगल संसद का आगामी मॉनसून सत्र है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बीजेपी और शिंदे गुट की नजर इस बार उद्धव ठाकरे के लोकसभा सांसदों पर है। अगर उद्धव गुट के सांसद टूटते हैं, तो संसद में किसी महत्वपूर्ण बिल पर मतदान के दौरान 'व्हिप' के उल्लंघन का एक नया कानूनी संकट खड़ा हो जाएगा।

“अब सब्र खत्म!” हिंदू नेताओं की हत्या पर शिवसेना का फूटा गुस्सा… आंदोलन की धमकी

सूत्रों का दावा है कि शिवसेना (UBT) के करीब सात सांसद इस समय दिल्ली और मुंबई के बीच किसी 'गुप्त' रास्ते पर हैं और वे लोकसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन को समर्थन देने का मन बना चुके हैं। यही कारण है कि मॉनसून सत्र से ठीक पहले इन सांसदों के फोन बंद होना उद्धव कैंप के लिए खतरे की घंटी है।

संजय राउत का पलटवार

सांसदों के फोन बंद होने और बगावत की खबरों पर संजय राउत ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके सभी सांसद पूरी तरह एकजुट हैं और मातोश्री के प्रति वफादार हैं।

राउत ने कहा, "शिवसेना कोई ऐसी-वैसी पार्टी नहीं है जिसे पैसों के दम पर खरीद लिया जाए। यह बालासाहेब ठाकरे के कैडर और खून-पसीने से बनी पार्टी है। हमारे सांसदों को 15-15 करोड़ के ऑफर देकर डराने या लुभाने की कोशिशें नाकाम होंगी।" हालांकि, राउत के इस आक्रामक बयान के बावजूद अंदरूनी हलकों में घबराहट साफ देखी जा सकती है।

रितु तावड़े होंगी मुंबई की मेयर: बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने की घोषणा, शिवसेना से जानें किसे मिलेगी उपमहापौर की जिम्मेदारी?

शिंदे गुट का मास्टरस्ट्रोक

इस पूरे सियासी ड्रामे पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बेहद सधा हुआ और रणनीतिक दांव खेला है। शिंदे गुट के प्रवक्ताओं ने कहा है कि जो भी सांसद या नेता वंदनीय बाल ठाकरे के मूल विचारों और असली हिंदुत्व की विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहते हैं, उनका उनकी पार्टी में स्वागत है। शिंदे गुट ने साफ कर दिया कि उनके दरवाजे हमेशा खुले हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि ये 7 सांसद बगावत करते हैं, तो वे तकनीकी रूप से शिंदे गुट में शामिल होकर दल-बदल कानून (Anti-Defection Law) से बच सकते हैं, जिससे उद्धव ठाकरे को दिल्ली के स्तर पर एक और बड़ा कानूनी और राजनीतिक झटका लगेगा।

Location :  Mumbai

Published :  17 June 2026, 11:36 AM IST