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तुलसी को आयुर्वेद में जड़ी-बूटियों की रानी कहा जाता है क्योंकि इसके पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं। आंगन में पौधा होने के कारण छोटी-मोटी बीमारियों में यह तुरंत काम आता था। अचानक बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेट की खराबी या त्वचा में जलन होने पर लोग आंगन से तुलसी के पत्ते तोड़कर काढ़ा बना लेते थे। यह एक तरह से हर घर का 'नेचुरल फर्स्ट एड बॉक्स' था जो हमेशा परिवार के सदस्यों की पहुंच में रहता था। (Img- Pinterest)
Published : 22 August 2026, 1:59 PM IST