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छोटे बच्चों के लिए सही रूटीन फॉलो ना करवाना उनके व्यवहार को प्रभावित करता है। जब नहाने, खाने, खेलने और सोने का समय तय नहीं होता, तो बच्चों को लगता है कि वे कभी भी कुछ भी कर सकते हैं। बच्चों के दिमाग को प्रिडिक्टिबिलिटी यानी अनुशासन और समय तालिका पसंद होती है। जब उन्हें पता होता है कि आगे क्या करना है, तो वे शांत रहते हैं। बिना रूटीन के बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं, इसलिए उनका दैनिक समय तय करना बेहद जरूरी है। (Img- Pinterest)
Published : 22 September 2026, 2:20 PM IST