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अक्सर जब 3-4 साल का बच्चा किसी चीज की डिमांड करता है और मना करने पर रोने लगता है, तो पैरेंट्स तुरंत पिघल जाते हैं। रोना देखकर बच्चे की मांग पूरी कर देना सबसे खतरनाक है। इससे बच्चे को यह समझ आ जाता है कि रोने, चिल्लाने और नखरे दिखाने से उसकी हर बात मान ली जाएगी। अगली बार वह अपनी बात मनवाने के लिए और ज्यादा रोएगा व टैंट्रम दिखाएगा। इसलिए बच्चे के रोने पर तुरंत उसकी हर मांग पूरी करने से बचें। (Img- Pinterest)
Published : 22 September 2026, 2:20 PM IST