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संविधान का मसौदा करीब तीन साल तक चली बहसों और चर्चाओं के बाद तैयार हुआ। इन बहसों को सुनने के लिए लगभग 53,000 नागरिकों ने उपस्थित होकर प्रक्रिया को ऐतिहासिक बना दिया। (Img-Google)
संविधान का मसौदा करीब तीन साल तक चली बहसों और चर्चाओं के बाद तैयार हुआ। इन बहसों को सुनने के लिए लगभग 53,000 नागरिकों ने उपस्थित होकर प्रक्रिया को ऐतिहासिक बना दिया। (Img-Google)