लंबे समय तक काम करना और कम नींद लेना दिल की सेहत पर भारी पड़ सकता है। रिसर्च के अनुसार 55 घंटे से ज्यादा काम और नाइट शिफ्ट हार्ट रोग व स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं। एक्सपर्ट्स 7-9 घंटे की नियमित नींद लेने की सलाह देते हैं।

लगातार लंबे समय तक काम करना और रात तक जागना सिर्फ थकान नहीं बढ़ाता। रिसर्च बताती है कि 55 घंटे या उससे अधिक काम करने वालों में हार्ट रोग और स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है। WHO और CDC के अनुसार लंबे वर्किंग आवर्स सीधे हार्ट पर दबाव डालते हैं और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
एक्सपर्ट बताते हैं कि नींद सिर्फ आराम नहीं, बल्कि हार्ट और ब्लड वेसल्स को रिपेयर करने का समय है। लगातार कम नींद से सूजन बढ़ती है, आर्टरीज में प्लाक जम सकता है और ब्लड शुगर व मेटाबॉलिज्म प्रभावित होते हैं। इससे मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है, जो हार्ट की बीमारी के प्रमुख कारण हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार अनियमित सोने-जागने का समय हार्ट रोग का खतरा लगभग दोगुना कर देता है। नाइट शिफ्ट से ब्लड प्रेशर और तनाव हार्मोन बढ़ते हैं, सूजन बढ़ती है और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण बिगड़ता है। यह हार्ट पर अतिरिक्त बोझ डालता है और गंभीर रोगों की संभावना बढ़ाता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
6-7 घंटे से कम नींद लेने वाले लोगों में शरीर लगातार तनाव की स्थिति में रहता है। हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ते हैं। शुरुआती लक्षणों में सीने में असहजता, तेज धड़कन, हल्की मेहनत में सांस फूलना, लगातार थकान या सुस्ती शामिल हैं। ये संकेत बार-बार दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
हार्ट की सुरक्षा के लिए रोजाना 7-9 घंटे की क्वालिटी नींद लें। नियमित सोने-जागने का समय तय करें, रात में भारी भोजन और स्क्रीन टाइम कम करें। हल्की-फुल्की गतिविधि करें, तनाव कम करने योग या ध्यान अपनाएं, शराब और कैफीन से बचें। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की नियमित जांच जरूरी है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)