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धराली में आई विनाशकारी आपदा को लोग आज भी भूल नहीं पाए हैं। इस त्रासदी में कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को हमेशा के लिए खो दिया, जिनकी आखिरी झलक पाने की आस आज भी अधूरी है। बेघर हुए करीब तीस परिवार रिश्तेदारों और किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं। सिर से छत छीनने के साथ-साथ लोगों का रोजगार भी पूरी तरह चौपट हो गया था। (Img- X)
Published : 5 August 2026, 1:04 PM IST