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पूजा-पाठ से अधिक महत्वपूर्ण है व्यवहार। हम जैसा सोचते और बोलते हैं, वही हमारे जीवन का माहौल बनाता है। आदतें जैसे कड़वी वाणी, गुस्सा, आलस और अव्यवस्था नकारात्मकता बढ़ाते हैं। सकारात्मक सोच, सच्चाई और अनुशासन जीवन में संतुलन और शांति लाते हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
पूजा-पाठ से अधिक महत्वपूर्ण है व्यवहार। हम जैसा सोचते और बोलते हैं, वही हमारे जीवन का माहौल बनाता है। आदतें जैसे कड़वी वाणी, गुस्सा, आलस और अव्यवस्था नकारात्मकता बढ़ाते हैं। सकारात्मक सोच, सच्चाई और अनुशासन जीवन में संतुलन और शांति लाते हैं।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)