हिंदी
भारतीय संस्कृति में नाम को केवल एक संबोधन नहीं माना जाता, बल्कि यह व्यक्ति की पहचान, संस्कार और भविष्य की दिशा तय करने वाला तत्व होता है। यही वजह है कि आज भी नामकरण के समय माता-पिता उसके अर्थ, ऊर्जा और सांस्कृतिक जुड़ाव पर विशेष ध्यान देते हैं। बदलते दौर में जहां मॉडर्न और शॉर्ट नामों का चलन बढ़ा है, वहीं ऐसे नामों की तलाश भी बढ़ी है जो भारतीय विरासत से जुड़े हों और सुनने में आधुनिक लगें।
Published : 12 January 2026, 6:58 PM IST