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दिल्ली रेड लाइट एरिया फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज
New Delhi: दिल्ली की पुरानी गलियों में एक ऐसी सड़क है, जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं। यह है GB रोड, जिसे आज आधिकारिक तौर पर स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कहा जाता है। लेकिन आखिर यह इलाका चर्चा में क्यों रहता है और इसका इतिहास क्या है?
दशकों से रेड लाइट एरिया
पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट से लाहौरी गेट तक फैला यह मार्ग करीब 800 मीटर लंबा है। दिन के समय यहां हार्डवेयर, मशीनरी और ऑटो पार्ट्स का विशाल बाजार चलता है, जिसे दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े औद्योगिक बाजारों में गिना जाता है। लेकिन शाम ढलते ही इस सड़क की पहचान बदल जाती है। कई इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर दशकों से रेड लाइट एरिया संचालित होता रहा है।
GB रोड का पूरा नाम
बहुत कम लोग जानते हैं कि GB रोड का पूरा नाम गारस्टिन बास्टियन रोड है। इसका नाम ईस्ट इंडिया कंपनी के एक ब्रिटिश अधिकारी जॉन गारस्टिन से जुड़ा माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार मुगल काल में दिल्ली में कई अलग-अलग कोठा क्षेत्र थे। 1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश प्रशासन ने इन गतिविधियों को एक इलाके में सीमित करने की नीति अपनाई और धीरे-धीरे यह क्षेत्र उसी पहचान के साथ विकसित हुआ।
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1966 में इस सड़क का आधिकारिक नाम बदलकर स्वामी श्रद्धानंद मार्ग कर दिया गया, लेकिन आम बोलचाल में आज भी लोग इसे GB रोड के नाम से जानते हैं।
एक और बड़ा सवाल यह है कि GB रोड का मालिक कौन है? इसका जवाब है-कोई एक व्यक्ति नहीं। यह एक सार्वजनिक सड़क है, जबकि यहां मौजूद इमारतें और व्यावसायिक संपत्तियां अलग-अलग निजी मालिकों, परिवारों और संपत्ति धारकों के अधीन हैं। इसलिए पूरे इलाके का कोई एक मालिक नहीं माना जाता।
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GB रोड सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि दिल्ली के सामाजिक, ऐतिहासिक और आर्थिक बदलावों की एक जटिल कहानी है। जहां एक ओर यह देश के सबसे बड़े हार्डवेयर बाजारों में शामिल है, वहीं दूसरी ओर यहां रहने वाली महिलाओं की जिंदगी, संघर्ष और सामाजिक चुनौतियां आज भी बहस का विषय बनी हुई हैं।
Location : New Delhi
Published : 8 June 2026, 5:01 PM IST
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