बंगाल में महामुकाबला: नंदीग्राम से डोमकल तक…किसके सिर सजेगा ताज, किसकी टूटेगी सियासी बादशाहत?

बंगाल चुनाव के पहले चरण में कई बड़े नेताओं की साख दांव पर है। नंदीग्राम से लेकर डोमकल तक दिलचस्प मुकाबले बन चुके हैं। कौन बनाएगा बढ़त और किसे लगेगा झटका, यह जानना बेहद रोचक है। इस चुनाव में सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि सियासी भविष्य की भी लड़ाई है, जहां हर वोट का महत्व बढ़ गया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 23 April 2026, 8:39 AM IST
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Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान शुरू होते ही राज्य की राजनीति चरम पर पहुंच गई है। इस चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर करीब 3.60 करोड़ मतदाता 1478 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। यह सिर्फ सीटों का चुनाव नहीं, बल्कि बड़े नेताओं की साख और राजनीतिक भविष्य का भी निर्णायक मोड़ है।

बीजेपी और टीएमसी के बीच सीधी टक्कर के साथ-साथ कांग्रेस और वाम दल भी अपनी जमीन बचाने और मजबूत करने की जद्दोजहद में हैं। उत्तर बंगाल, जंगलमहल और दक्षिण बंगाल के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मुद्दे हावी हैं, जिससे मुकाबला बहुआयामी हो गया है।

नंदीग्राम: फिर आमने-सामने सियासी दोस्त से दुश्मन बने चेहरे

नंदीग्राम सीट एक बार फिर सबसे चर्चित बन गई है। बीजेपी के दिग्गज शुभेंदु अधिकारी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं, जिनका मुकाबला टीएमसी के पवित्र कर से है। कभी करीबी रहे ये दोनों नेता अब एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। पिछली जीत के बाद शुभेंदु पर अपनी बढ़त साबित करने का दबाव है।

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खड़गपुर और बहरामपुर: दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर

खड़गपुर सदर सीट पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष और टीएमसी के प्रदीप सरकार के बीच मुकाबला है। यह सीट पार्टी के संगठनात्मक प्रभाव को दर्शाने वाली मानी जा रही है।

वहीं, बहरामपुर में कांग्रेस के बड़े चेहरे अधीर रंजन चौधरी चुनावी मैदान में हैं। लोकसभा चुनाव में हार के बाद उनके लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। उनका मुकाबला बीजेपी के सुब्रत मैत्रा से है, जिससे यह सीट हाई-वोल्टेज बन गई है।

आसनसोल और माथाभंगा: महिला नेतृत्व और युवा चेहरे की परीक्षा

आसनसोल दक्षिण सीट पर बीजेपी की अग्निमित्रा पॉल और टीएमसी के तापस बनर्जी आमने-सामने हैं। यह मुकाबला महिला नेतृत्व बनाम अनुभवी राजनीति के रूप में देखा जा रहा है।

माथाभंगा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में हैं। टीएमसी, कांग्रेस और वाम दलों की मौजूदगी इस सीट को त्रिकोणीय मुकाबले में बदल रही है।

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डोमकल: हुमायूं कबीर की नई पार्टी की पहली बड़ी चुनौती

डोमकल सीट पर हुमायूं कबीर का चुनाव खास ध्यान खींच रहा है। टीएमसी से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने के बाद वह पहली बार चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने वाम दल के उम्मीदवार के साथ टीएमसी की चुनौती भी है, जिससे यहां मुकाबला बेहद रोचक और अनिश्चित हो गया है।

पानीहाटी: भावनाओं और राजनीति का टकराव

पानीहाटी सीट पर बीजेपी की उम्मीदवार रत्ना देबनाथ और टीएमसी के अनुभवी नेता निर्मल घोष के बीच मुकाबला है। यह चुनाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक पहलू भी लिए हुए है, जिसने इसे और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

पहले चरण का मतदान बंगाल की सियासत की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। बड़े चेहरों की प्रतिष्ठा, क्षेत्रीय समीकरण और मतदाताओं का मूड, ये सभी मिलकर तय करेंगे कि सत्ता की कुर्सी की ओर पहला मजबूत कदम कौन बढ़ाएगा।

Location :  Kolkata

Published :  23 April 2026, 8:39 AM IST

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