खुशी का सफर कुछ ही पलों में मातम में बदल गया… आखिर उन 15 भारतीयों के साथ ऐसा क्या हुआ कि कोई घर नहीं लौट पाया?

वियतनाम के फु क्वोक तट के पास नाव पलटने से लावा मोबाइल्स के इंसेंटिव टूर पर गए 15 भारतीयों की मौत हो गई। मृतकों में 14 डीलर-डिस्ट्रीब्यूटर और एक कर्मचारी शामिल हैं। हादसे से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के कई परिवारों में मातम छा गया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 July 2026, 12:40 PM IST
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New Delhi: वियतनाम के फु क्वोक तट के पास शनिवार को हुआ दर्दनाक नाव हादसा कई भारतीय परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला जख्म बन गया। लावा मोबाइल्स की ओर से आयोजित इंसेंटिव टूर पर गए 15 भारतीयों की नाव पलटने से मौत हो गई। कंपनी ने पुष्टि की है कि मृतकों में 14 डीलर और डिस्ट्रीब्यूटर (चैनल पार्टनर) तथा एक कंपनी का कर्मचारी शामिल था। यह यात्रा बिक्री लक्ष्य पूरा करने वाले सहयोगियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित की गई थी, लेकिन खुशी का यह सफर कुछ ही पलों में मातम में बदल गया।

तीन राज्यों के लोगों ने गंवाई जान

सरकारी जानकारी के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों में 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के निवासी थे। भारतीय दूतावास और संबंधित राज्य सरकारों ने मृतकों की पहचान की पुष्टि कर दी है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है और सभी पार्थिव शरीरों को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

लावा मोबाइल्स के कर्मचारी भी बने हादसे का शिकार

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी एस. अलागुराजन भी इस हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं। वह लावा मोबाइल्स में कार्यरत थे और करूर, तिरुचिरापल्ली तथा तंजावुर जिलों में सेल्स की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके ससुर ने बताया कि टीवी पर हादसे की खबर देखने के कुछ समय बाद कंपनी ने उनके निधन की पुष्टि की। अलागुराजन अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं।

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20 साल से जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर की भी गई जान

आंध्र प्रदेश के कडप्पा निवासी 45 वर्षीय मुदियम श्रीधर भी हादसे का शिकार हो गए। वह करीब दो दशक से लावा मोबाइल्स के डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में जुड़े थे और जिले में उनकी तीन मोबाइल दुकानें भी थीं। परिवार के अनुसार वह 8 जुलाई को डीलर मीट में शामिल होने के लिए भारत से रवाना हुए थे। हादसे की जानकारी उनके साथ यात्रा कर रहे एक अन्य डिस्ट्रीब्यूटर ने फोन पर दी, जो इस दुर्घटना में बच गए।

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परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा

हादसे के बाद संबंधित राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत लाने और परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर विदेश यात्राओं के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  New Delhi

Published :  12 July 2026, 12:40 PM IST

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