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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़
नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि मैं वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई का आभारी हूँ कि उन्होंने प्रोटोकॉल की ओर ध्यान आकर्षित किया, हमें प्रोटोकॉल में विश्वास रखना चाहिए।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में एक किताब के विमोचन समारोह में उन्होंने यह बात कही।
न्यायाधीश का प्रोटोकॉल में बहुत ऊँचा स्थान
रविवार को मुंबई में हुई घटना का जिक्र करते हुए उप राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा, “आज सुबह मुझे एक बहुत महत्वपूर्ण बात की याद दिलाई गई, जो केवल किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए अहम है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश ने जो कहा, कि हमें प्रोटोकॉल में विश्वास रखना चाहिए — वह बहुत महत्वपूर्ण है। देश के मुख्य न्यायाधीश का प्रोटोकॉल में बहुत ऊँचा स्थान है। जब उन्होंने यह बात कही, तो वह व्यक्तिगत नहीं थी, बल्कि उस पद के लिए थी जिसे वह धारण करते हैं, और मुझे विश्वास है कि सभी लोग इस बात को ध्यान में रखेंगे। मैं वास्तव में वर्तमान मुख्य न्यायाधीश का आभारी हूँ कि उन्होंने नौकरशाही में लोगों का ध्यान प्रोटोकॉल के पालन की ओर आकर्षित किया, क्योंकि यह बहुत आवश्यक है।”
अफसरों की लापरवाही का खुला राज
रविवार को देश के नये मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई शपथ ग्रहण के बाद पहली बार महाराष्ट्र के दौरे पर गये थे लेकिन उन्हें एअरपोर्ट पर रिसीव करने मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला और मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती नहीं पहुंचे। इसके बाद जस्टिस गवई जब मुंबई में बार काउंसिल आफ महाराष्ट्र एंड गोवा के एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे और उनके संबोधन की बारी आयी तब इन अफसरों की लापरवाही का राज खुला। सीजेआई गवई ने यह भी कहा कि "मैं छोटी-छोटी बातों की ओर इशारा नहीं करना चाहता, न ही इस बात को तूल देना चाहता हूं, लेकिन सम्मान सभी का होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि "लोकतंत्र के तीन स्तंभ — न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका — समान हैं। हर संवैधानिक संस्था को अन्य संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए और आपसी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।”
प्रोटोकॉल को लेकर चिंतित नहीं- CJI
बार काउंसिल के इस कार्यक्रम की समाप्ति के बाद जब सीजेआई गवई अपने अगले कार्यक्रम के लिए डॉ. बीआर आंबेडकर की समाधि स्थल चैत्यभूमि पहुंचे तो वहां पर महाराष्ट्र की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला और मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती मौजूद थे। कहा जा रहा है कि इन तीनों अफसरों को मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी की जानकारी मिली और इनके होश उड़ गये फिर अपनी गलती को सुधारने के लिए सीजेआई के सामने पेश हुए। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए CJI गवई ने कहा कि वह “प्रोटोकॉल को लेकर चिंतित नहीं हैं लेकिन उन्हें जो अनुभव हुआ उसे बताना उनका कर्तव्य है।”
Location : New Delhi
Published : 19 May 2025, 8:42 PM IST
Topics : Bureaucracy CJI Jagdeep Dhankar Protocol Vice President