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डोनाल्ड ट्रंप
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर हमास गाज़ा में सत्ता छोड़ने से इनकार करता है और उनकी शांति योजना को स्वीकार नहीं करता है, तो उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान एक दिन बाद आया जब उन्होंने हमास को रविवार शाम 6 बजे तक शांति समझौते को स्वीकार करने का अल्टीमेटम दिया। इस प्रस्ताव के अंतर्गत गाज़ा में लड़ाई बंद करने, शांति प्रक्रिया की शुरुआत और एक स्थायी प्रशासन के गठन की योजना है।
ट्रंप का शांति प्रस्ताव
ट्रंप ने हमास के लिए एक 20 सूत्री शांति प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें गाज़ा के युद्धोत्तर प्रशासन का खाका प्रस्तुत किया गया है। इस योजना में मुख्य रूप से गाज़ा में लड़ाई को तुरंत रोकने, प्रशासन की अस्थायी संरचना बनाने और बंधकों की रिहाई की बात की गई है। व्हाइट हाउस ने इस शांति प्रस्ताव को संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र के भविष्य के प्रशासन के लिए एक रोडमैप के रूप में प्रस्तुत किया है। ट्रंप का कहना था कि गाज़ा के लोगों को बिना किसी दबाव के वहां से हटाया नहीं जाएगा और यदि दोनों पक्ष इस समझौते को मानते हैं तो युद्ध तुरंत बंद हो जाएगा।
अस्थायी शासकीय बोर्ड के गठन की योजना
ट्रंप के प्रस्ताव के तहत गाज़ा में एक अस्थायी शासकीय बोर्ड बनाया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता वह खुद कर सकते हैं। इस बोर्ड में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर जैसे प्रमुख हस्तियों का नाम भी शामिल हो सकता है। इस शासकीय बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाज़ा में शांति स्थापना और युद्धोत्तर प्रशासन का संचालन करना होगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री का बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को कहा कि गाज़ा युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंधकों की रिहाई केवल प्रक्रिया का पहला कदम था और आगे की व्यवस्थाओं पर अभी भी काम चल रहा है। रूबियो ने यह भी बताया कि हमास ने डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव और बंधकों की रिहाई के ढांचे पर सहमति जताई है, लेकिन कई महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं को लेकर बातचीत अभी जारी है।
हमास की गंभीरता पर होगा अंतिम निर्णय
रूबियो ने कहा कि अमेरिका जल्द ही यह निर्णय लेगा कि हमास वास्तव में शांति प्रक्रिया को लेकर गंभीर है या नहीं। वर्तमान में अमेरिका की प्राथमिकता सभी बंधकों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करना है, और इसके बदले में इजरायल को गाज़ा में येलो लाइन पर लौटने की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि यह बातचीत का एक अहम हिस्सा है और इसे सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
ट्रंप की शांति योजना पर इजरायल का समर्थन
सीएनएन के एक साक्षात्कार में राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाज़ा में बमबारी रोकने और अमेरिका की शांति योजना को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि बीबी (नेतन्याहू) शांति प्रयासों में सहभागी होंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि इजरायल भी इस योजना के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है।
तनावपूर्ण स्थिति और संभावित समाधान
गाज़ा में बढ़ते संघर्ष के बीच, ट्रंप का यह शांति प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन यह देखना होगा कि दोनों पक्ष इसे स्वीकार करते हैं या नहीं। अगर हमास शांति प्रक्रिया को मानता है तो यह क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। अन्यथा, ट्रंप ने साफ-साफ चेतावनी दी है कि गाज़ा में हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
शांति प्रस्ताव की सफलता के संकेत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का कहना है कि हमास द्वारा बंधकों की रिहाई पर सहमति देना एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, अंतिम समझौते की प्रक्रिया में बहुत सारे तकनीकी और तार्किक पहलू हैं जिन्हें सुलझाना बाकी है। वे यह भी मानते हैं कि हमास की शांति की दिशा में सच्चाई का मूल्यांकन जल्द ही किया जाएगा और इसके बाद ही इस प्रस्ताव की सफलता का वास्तविक मूल्यांकन किया जा सकेगा।
Location : New Delhi
Published : 5 October 2025, 10:29 PM IST
Topics : Donald Trump Gaza Conflict Hamas Peace Process US Israel