New Dellhi: भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की ग्रोथ का रोडमैप तैयार, दिल्ली में रिपोर्ट लॉन्च

दिल्ली में लॉन्च हुई रिपोर्ट ने भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की बड़ी संभावनाओं और चुनौतियों को सामने रखा, साथ ही ग्रोथ अनलॉक करने के अहम रास्ते सुझाए।

Updated : 30 June 2026, 9:49 PM IST
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New Delhi: भारत में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की संभावनाओं को वास्तविक प्रदर्शन में बदलने के उद्देश्य से मंगलवार, 30 जून को नई दिल्ली के होटल अशोक में “Unlocking Growth in Tourism and Hospitality Sector” रिपोर्ट लॉन्च की गई। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।

पर्यटन की क्षमता और प्रदर्शन के बीच अंतर कम करने पर जोर

रिपोर्ट का उद्देश्य भारत के पर्यटन क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं और वास्तविक प्रदर्शन के बीच की खाई को कम करना है। इसमें वीजा प्रक्रिया, लाइसेंसिंग, आवास क्षमता, ट्रांसपोर्ट, मंजूरियों, अनुपालन बोझ और नीति सुधारों जैसे अहम क्षेत्रों पर सुझाव दिए गए हैं।

राजीव गौबा ने पर्यटन क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर जताई चिंता

कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा ने भारत के पर्यटन क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया में पर्यटन का वैश्विक GDP में योगदान करीब 10 प्रतिशत है, जबकि भारत में यह योगदान लगभग 5 प्रतिशत के आसपास है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता वाले देश में पर्यटन की संभावनाएं कहीं अधिक हैं।

छोटे देशों से भी पीछे भारत का पर्यटन प्रदर्शन

राजीव गौबा ने कहा कि भारत का कुल पर्यटन प्रदर्शन अभी भी अपनी क्षमता से काफी कम है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में आने वाले पर्यटकों की संख्या कई छोटे देशों जैसे सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम की तुलना में भी अपेक्षा से कम है। उन्होंने पर्यटन निवेश को समय, लागत और नीतिगत स्पष्टता के प्रति अत्यंत संवेदनशील बताया।

गजेंद्र सिंह शेखावत बोले- सिर्फ संसाधन काफी नहीं

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत के पास विशाल सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और विविध पर्यटन स्थल जरूर हैं, लेकिन सिर्फ संसाधन होना पर्याप्त नहीं है। इन संसाधनों को पर्यटकों के लिए आकर्षक और सुगम बनाने के लिए नीतियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सेवा व्यवस्था को सरल और भरोसेमंद बनाना जरूरी है।

भरोसेमंद डिलीवरी सिस्टम को बताया जरूरी

शेखावत ने कहा कि भारत को एक ऐसे देश के रूप में अपनी विश्वसनीयता मजबूत करनी होगी जो वादों को जमीन पर उतार सके। उनके मुताबिक, पर्यटन क्षेत्र की ग्रोथ को अनब्लॉक करने की सबसे बड़ी शर्त यही भरोसा और डिलीवरी क्षमता है।

लाइसेंसिंग, आवास और ट्रांसपोर्ट सुधारों पर फोकस

रिपोर्ट में आवास प्रदाताओं, होटल और हॉस्पिटैलिटी प्रतिष्ठानों, होम-स्टे, फूड एंड बेवरेज सेवाओं, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े नियमों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया है। इसमें मंजूरी प्रक्रियाओं, अनुपालन संबंधी बाधाओं, आवास क्षमता की कमी और विभागीय समन्वय की चुनौतियों को निवेश और प्रोजेक्ट लागू करने में बड़ी रुकावट बताया गया है।

राज्यों और उद्योग प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव

कार्यशाला में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तराखंड समेत कई राज्यों के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने राज्यों में पर्यटन विकास के सामने मौजूद व्यावहारिक चुनौतियों, नीति सुधारों और बुनियादी ढांचे की जरूरतों पर सुझाव रखे।

Ease of Doing Business को बेहतर बनाने की जरूरत

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने लाइसेंसिंग, अनुमतियों, निवेश और निजी भागीदारी को आसान बनाने पर जोर दिया। दिनभर चली चर्चा में पर्यटन निवेश, मंजूरी प्रक्रिया में सुधार, आवास क्षमता, उद्यमिता, पर्यावरणीय स्थिरता और वीजा सुविधा जैसे विषयों पर विशेष सत्र हुए।

विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ा कदम

कार्यक्रम में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत का पर्यटन क्षेत्र रोजगार, उद्यमिता, स्थानीय आजीविका और क्षेत्रीय विकास का बड़ा इंजन बन सकता है। हालांकि इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, उद्योग जगत और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा। विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ी यह रिपोर्ट पर्यटन को समावेशी, टिकाऊ और वैश्विक प्रतिस्पर्धा वाला सेक्टर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Location :  New Delhi

Published :  30 June 2026, 9:48 PM IST

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