विधानसभा चुनाव से पहले केरल का नाम बदलने का ऐलान, अब कहलायेगा केरलम; जानिये नाम बदलने की प्रक्रिया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 24 February 2026, 3:48 PM IST
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New Delhi: ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को  केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दे दी गई।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद, संविधान के अनुच्छेद 3 के प्रावधान के तहत “केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026” को राज्य विधानसभा में पेश किया जायेगा।

केरल विधानसभा से विधेयक पास होने के बाद भारत सरकार आगे की प्रक्रिया पूरी करेगी और संसद में ‘केरल’ का नाम ‘केरलम’ किए जाने के लिए “केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026” पेश करने के लिये राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त की जाएगी।

यह कदम अप्रैल-मई में होने वाले केरल विधानसभा चुनावों से पहले उठाया गया है। केरल विधानसभा ने 24 जून, 2024 को एकमत से एक प्रस्ताव पास किया था, जिसमें केंद्र सरकार से राज्य का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर केरलम करने की अपील की गई थी।

CM विजयन के प्रस्ताव को मंज़ूरी

प्रस्ताव पेश करने वाले मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन चाहते थे कि केंद्र सरकार संविधान के आठवें शेड्यूल में शामिल सभी भाषाओं में दक्षिणी राज्य का नाम केरल से बदलकर केरलम कर दे।

प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को मलयालम में "केरलम" कहा जाता है और मलयालम बोलने वाले समुदायों के लिए केरल की मांग राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मज़बूत रही है। हालांकि, उन्होंने बताया कि संविधान के पहले शेड्यूल में राज्य का नाम केरल लिखा गया है।

सदन ने अगस्त 2023 में भी इसी तरह का एक प्रस्ताव बिना किसी विरोध के पास करके केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी बदलावों का सुझाव दिया था।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 24 February 2026, 3:48 PM IST

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