तेलंगाना के हॉस्टल में चिकन खाने के बाद 22 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल

तेलंगाना के वानापर्थी जिले के पेब्बीर स्थित गर्ल्स पॉलिटेक्निक कॉलेज में चिकन खाने के बाद 22 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। कॉलेज स्टाफ इसे वायरल फीवर बता रहा है, जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने फूड पॉइजनिंग और दूषित पानी की आशंका जताई है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 10 October 2026, 8:25 AM IST
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Hyderabad: तेलंगाना के वानापर्थी जिले के पेब्बीर स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज फॉर गर्ल्स से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हॉस्टल की छात्राओं ने रात के खाने में चिकन खाया था, जिसके कुछ देर बाद ही उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने लगी।

इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि मामले को लेकर कॉलेज स्टाफ और स्वास्थ्य अधिकारियों के बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिल रहा है।

वायरल फीवर का दावा बनाम अंदरखाने की हकीकत

घटना सामने आने के बाद जब कॉलेज स्टाफ से संपर्क किया गया, तो उन्होंने किसी भी तरह के फूड पॉइजनिंग या दूषित भोजन से साफ इनकार कर दिया। स्टाफ का दावा है कि 7 अक्टूबर को हॉस्टल में एक हेल्थ कैंप लगाया गया था, जिसमें 22 छात्राओं को सिर्फ 'वायरल फीवर' होने की पुष्टि हुई थी।

हालांकि, हैरानी की बात यह है कि मुख्य वार्डन और कॉलेज के प्रिंसिपल के बयानों में तालमेल नहीं है। जहां वार्डन ने इसे वायरल फीवर बताया, वहीं प्रिंसिपल ने हॉस्टल में ऐसे किसी भी मेडिकल कैंप के आयोजन की जानकारी होने से ही साफ मना कर दिया।

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छुपाए गए मामले और दूषित पानी का बड़ा खुलासा

स्थानीय रिपोर्ट्स और छात्राओं के मुताबिक, मामला तब संदिग्ध हो गया जब हॉस्टल वार्डन के पति बिना किसी उच्च अधिकारी या अभिभावकों को सूचित किए कुछ गंभीर छात्राओं को गुपचुप तरीके से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गए। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो और जानकारियां दबाने के भी गंभीर आरोप लगे हैं।

वहीं, वानापर्थी जिले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (DMHO) बी. भास्कर नायक के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला फूड पॉइजनिंग और दूषित पानी (Water Contamination) का मिलाजुला असर लग रहा है। जांच में यह भी सामने आया कि हॉस्टल परिसर में लगा आरओ वाटर प्लांट पिछले तीन दिनों से पूरी तरह बंद था, जिसके कारण बाहर से पानी मंगाकर छात्राओं को पिलाया जा रहा था।

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अस्पताल में इलाज के बाद सभी छात्राएं सुरक्षित

इस पूरी घटना में लगभग 22 से 25 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, जिन्हें पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त और शरीर में असहनीय दर्द की शिकायत थी। हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी प्रभावित छात्राओं को तुरंत स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां समय पर उचित इलाज मिलने के बाद अब उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है और सभी को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल, बीमारी के सटीक और असली कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय जांच अभी भी जारी है।

Location :  Hyderabad

Published :  10 October 2026, 8:25 AM IST

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