
अपरेश कुमार सिंह, देवेंद्र कुमार उपाध्याय, सुनीता अग्रवाल
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार को तीन नए न्यायाधीश मिल गए। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 3:30 बजे आयोजित किया गया और इसका लाइव प्रसारण भी किया गया। खास बात यह रही कि इस बार शपथ ग्रहण का समय सुप्रीम कोर्ट की सामान्य परंपरा से अलग रहा। आमतौर पर नए न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण सुबह 10:30 बजे अदालत की कार्यवाही शुरू होने के समय होता है।
तीनों नए न्यायाधीश अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर 2026 को हुई बैठक में न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल, न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की थी।
केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश पर तेजी से फैसला लेते हुए सोमवार को तीनों नियुक्तियों को मंजूरी दे दी। कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इसकी जानकारी दी थी।
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न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल का जन्म 30 अप्रैल 1966 को हुआ था। उन्हें 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। इसके बाद 23 जुलाई 2023 को उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
अब न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाल ली है।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय का जन्म 16 जून 1965 को हुआ था। उन्हें 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। 6 अगस्त 2013 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया।
28 मार्च 2023 को वह इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के वरिष्ठ न्यायाधीश बने। इसके बाद 29 जुलाई 2023 को उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। बाद में उनका तबादला दिल्ली हाईकोर्ट हुआ, जहां उन्होंने 21 जनवरी 2025 को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। अब वह सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभालेंगे।
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न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह का जन्म 7 जुलाई 1965 को हुआ था। उन्हें 24 जनवरी 2012 को झारखंड हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 16 जनवरी 2014 को स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। उन्होंने 20 दिसंबर 2022 से 19 फरवरी 2023 तक झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद 17 अप्रैल 2023 को उन्होंने त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली।
बाद में उनका तबादला तेलंगाना हाईकोर्ट हुआ, जहां उन्होंने 19 जुलाई 2025 को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली। अब वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
तीनों नई नियुक्तियों के साथ सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक क्षमता और मजबूत हुई है। इस साल की शुरुआत में केंद्र सरकार ने सीजेआई को छोड़कर सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 37 करने का फैसला किया था।
तीन नए न्यायाधीशों के आने से शीर्ष अदालत में लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कामकाज को गति मिलने की उम्मीद है। तीनों न्यायाधीशों के पास अलग-अलग हाईकोर्ट में लंबे न्यायिक अनुभव के साथ मुख्य न्यायाधीश के तौर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने का भी अनुभव है।
Location : New Delhi
Published : 6 October 2026, 11:54 PM IST