राम मंदिर चंदा चोरी केस में सुप्रीम कोर्ट सख्त! SIT की रिपोर्ट पर CJI ने पूछा- कितना समय लगेगा? फिर दिया बड़ा निर्देश

राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत ने जांच को तार्किक परिणाम तक पहुंचाने पर जोर दिया। कोर्ट ने एसआईटी की जांच, फॉरेंसिक ऑडिटर की मदद और पक्षकारों के सुझावों को लेकर भी निर्देश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 17 August 2026, 2:41 PM IST

New Delhi: राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जांच को लेकर कोर्ट का रुख काफी अहम रहा। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने हुई। कोर्ट में एसआईटी की जांच और उसकी रिपोर्ट का मुद्दा उठा। सुनवाई के दौरान CJI ने साफ तौर पर कहा कि जांच को तार्किक परिणाम तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

निर्मोही अखाड़े के वकील ने भी रखी अपनी बात

सुनवाई के दौरान निर्मोही अखाड़े की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी तरफ से भी एक याचिका दाखिल की गई है, लेकिन उसे अभी लिस्ट नहीं किया गया है। इस पर CJI सूर्यकांत ने पूछा कि क्या वह भी मामले में बेहतर जांच चाहते हैं। CJI ने कहा कि अगर जांच को लेकर उनका कोई पक्ष है तो अदालत उन्हें सुनने के लिए तैयार है। इसके बाद निर्मोही अखाड़े की ओर से कहा गया कि उनकी मांग सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि वे यह भी चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का पूरी तरह पालन किया जाए।

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एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

सुनवाई के दौरान एक वकील की ओर से एसआईटी की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आपराधिक मामलों की जांच में इस तरह रिपोर्ट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईटी अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपती है।

फॉरेंसिक ऑडिटर की मदद से हो रही जांच

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि एसआईटी फॉरेंसिक ऑडिटर के सहयोग से अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। ऐसे में अगर किसी पक्ष के पास जांच को लेकर कोई सुझाव है तो उसे सीधे जांच एजेंसी के सामने रखने की बजाय सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से दिया जा सकता है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि जिन लोगों के पास जांच को लेकर कोई सुझाव है, वे अपने सुझाव सॉलिसिटर जनरल को दे सकते हैं। इसके बाद सॉलिसिटर जनरल उन सुझावों को एसआईटी तक पहुंचाएंगे और एसआईटी उन पर विचार करेगी।

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CJI ने पूछा- जांच में कितना समय लगेगा?

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सॉलिसिटर जनरल से सीधे पूछा कि जांच पूरी होने में आखिर कितना समय लगेगा। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने अदालत से तीन सप्ताह बाद मामले की सुनवाई करने का अनुरोध किया। इसके बाद कोर्ट ने जांच को जल्दबाजी में खत्म करने के बजाय उसे उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने पर जोर दिया। CJI सूर्यकांत ने कहा कि जांच को तार्किक परिणाम तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए।

Location :  New Delhi

Published :  17 August 2026, 2:41 PM IST