Digital Fraud Alert: अब AI रोकेगा ऑनलाइन ठगी! जानें RBI का नया प्लान, साइबर फ्रॉड होने पर पैसे वापस पाने का आसान तरीका

Banking Digital Fraud Protection: RBI और सरकार जल्द ही AI आधारित नया इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लागू करने जा रहे हैं जो ऑनलाइन ठगी को समय रहते रोकेगा। जानें साइबर फ्रॉड से बचने के टिप्स और ठगी होने पर पैसे वापस पाने की पूरी प्रक्रिया!

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 August 2026, 10:18 AM IST
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New Delhi: डिजिटल लेन-देन के बढ़ते दौर में साइबर अपराध और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार एक नया डिजिटल पेमेंट्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म लागू करने जा रहे हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) पर आधारित यह नया तंत्र संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों और धोखाधड़ी की पहचान रियल-टाइम में कर लेगा, जिससे ठगी होने से पहले ही ग्राहकों के पैसे सुरक्षित किए जा सकेंगे।

AI मॉडल से बढ़ेगी सुरक्षा और पारदर्शिता

यह नया एआई सिस्टम न केवल आम बैंकिंग सेवाओं को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि सामाजिक कल्याण योजनाओं से लेकर एमएसएमई ऋण बाजार तक फैले जालसाजों को भी पकड़ेगा। रिजर्व बैंक ग्राहकों से सीधे जुड़ने वाली एआई प्रणालियों के लिए अतिरिक्त साइबर सुरक्षा उपाय लागू कर रहा है, ताकि थर्ड-पार्र्टी एआई से उत्पन्न होने वाले साइबर जोखिमों से भी सुरक्षा मिल सके।

ठगों के नए पैंतरे: डर, लालच और फर्जी कॉल से बचें

आजकल ठग बैंक अधिकारी, पुलिस, सीबीआई या आयकर विभाग के अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं। इसके अलावा फर्जी नौकरी, इनाम, बिजली बिल या रिश्तेदार बनकर इमरजेंसी के नाम पर तुरंत पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। कई बार फर्जी मैसेज भेजकर खाते में गलती से पैसे आने का दावा भी किया जाता है। ऐसे किसी भी झांसे में आकर अपनी गोपनीय जानकारी शेयर न करें।

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सायबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें ये काम, वापस मिलेंगे पैसे

अगर आप किसी ठगी का शिकार हो जाते हैं, तो सबसे पहले अपने बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर ट्रांजेक्शन ब्लॉक करवाएं। इसके बाद तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और पोर्टल `cybercrime.gov.in` पर शिकायत दर्ज कराएं।

आपकी शिकायत इंडियन साइबर क्राइम (I4C) के जरिए 12 से 24 घंटे में स्थानीय साइबर सेल को भेजी जाती है। यदि ठग ने खाते से पैसे नहीं निकाले हैं, तो बैंक तुरंत उस रकम को होल्ड (फ्रीज) कर देता है, जिससे पैसा सुरक्षित वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यदि रिफंड अटका हो तो MRM पोर्टल पर भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  27 August 2026, 10:18 AM IST

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