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हाइड्रोजन कार में दिखे प्रल्हाद जोशी और नितिन गडकरी
New Delhi: देश की सड़कों पर जब भी कोई बड़ा बदलाव होने वाला होता है, उसकी आहट सबसे पहले सत्ता के गलियारों से सुनाई देती है। इस बार मामला प्रदूषण, ईंधन संकट और बढ़ते कार्बन उत्सर्जन से जुड़ा है, जिसे लेकर सरकार अब सीधे मैदान में उतरती नजर आ रही है। राजधानी की सड़कों पर उस वक्त हलचल मच गई, जब दो केंद्रीय मंत्री एक हाइड्रोजन से चलने वाली कार में नजर आए। यह कोई आम सवारी नहीं थी, बल्कि आने वाले समय में भारत की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था की दिशा तय करने वाला संदेश था।
केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को टोयोटा मिराई हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल में एक साथ यात्रा की। इस सवारी को क्लीन मोबिलिटी और ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। खास बात यह रही कि इस दौरान प्रल्हाद जोशी खुद ड्राइविंग सीट पर बैठे नजर आए, जिससे यह संदेश और मजबूत हो गया।
क्लीन मोबिलिटी का संदेश, प्रदूषण के खिलाफ सरकार की नई चाल, हाइड्रोजन गाड़ी में प्रल्हाद जोशी और नितिन गडकरी की जुगलबंदी @nitin_gadkari @JoshiPralhad #CleanMobility #Hydrogen #GreenEnergy pic.twitter.com/MEGWVqSVwx
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) January 6, 2026
भारत मंडपम से गडकरी आवास तक का सफर
प्रल्हाद जोशी ने टोयोटा मिराई को भारत मंडपम से नितिन गडकरी के आवास तक चलाया। यह सफर भले ही कुछ किलोमीटर का रहा हो, लेकिन इसका प्रतीकात्मक महत्व काफी बड़ा माना जा रहा है। इस यात्रा के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया कि वह वैकल्पिक ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर प्रयोग भी कर रही है। यह पहल नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से भी जुड़ी हुई मानी जा रही है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, हाइड्रोजन फ्यूल को भविष्य के ट्रांसपोर्ट का मजबूत विकल्प माना जा रहा है, खासकर लंबी दूरी और भारी वाहनों के लिए। बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में हाइड्रोजन कारों में रिफ्यूलिंग का समय बेहद कम होता है, जिससे यह ज्यादा व्यावहारिक साबित होती हैं। सरकार हाइड्रोजन के उत्पादन, स्टोरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर तेजी से काम कर रही है।
टोयोटा मिराई दूसरी पीढ़ी की हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल है। यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के केमिकल रिएक्शन से बिजली बनाती है और इसके एग्जॉस्ट से सिर्फ पानी की भाप निकलती है। मिराई एक बार फुल टैंक में करीब 650 किलोमीटर तक चल सकती है और इसे पांच मिनट से भी कम समय में रिफ्यूल किया जा सकता है।
प्रल्हाद जोशी और नितिन गडकरी की यह संयुक्त सवारी महज एक डेमो नहीं, बल्कि भारत में हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी को लेकर सरकार के इरादों का साफ संकेत है। आने वाले समय में इससे ऑटोमोबाइल सेक्टर, उद्योग और आम लोगों के बीच क्लीन ट्रांसपोर्ट को लेकर भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
Location : New Delhi
Published : 6 January 2026, 5:36 PM IST