अगर आप ओला, उबर और रैपिडो से चलते हैं तो आज यानी शनिवार का दिन आपके लिए मुश्किल भरा हो सकता है। दरअसल ड्राइवर अपने मोबाइल ऐप्स लॉग-आउट रखेंगे। जिसके चलते सर्विसेज शनिवार को प्रभावित रह सकती हैं।

ओला-ओबर-रैपिडो के थमेंगे पहिए
New Delhi: ओला, उबर और रैपिडो कंपनियों के ड्राइवर ने देशभर में शनिवार को हड़ताल करने का फैसला किया है। हड़ताल के दौरान ड्राइवर अपने मोबाइल ऐप्स लॉग-आउट रखेंगे जिसके चलते लोगों को कैब, ऑटो या बाइक टैक्सी मिलने में दिक्कत हो सकती है। ड्राइवरों ने इसे ऑल इंडिया ब्रेकडाउन का नाम दिया है।
यूनियन ने की सरकार से की ये मांग
यूनियन ने सरकार से मांग की है कि ऑटो, टैक्सी और बाइक टैक्सी के लिए तुरंत एक न्यूनतम किराया तय किया जाए और यह फैसला ड्राइवरों के साथ बातचीत के बाद ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने निजी (सफेद नंबर प्लेट) गाड़ियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने या उन्हें कमर्शियल श्रेणी में बदलने की बात कही है। इसके अलावा, यूनियन चाहती है कि सरकार इन कंपनियों पर कड़ी नजर रखे ताकि उनकी मनमानी पर लगाम लग सके और ड्राइवरों का शोषण बंद हो।
ड्राइवरों का आरोप है कि किराया लगातार कम किया जा रहा है, जबकि ईंधन की कीमतें, वाहन मेंटेनेंस, लोन की EMI, बीमा और अन्य खर्च बढ़ते जा रहे हैं, जिससे मेहनत के बावजूद ड्राइवरों के हाथ में बहुत कम पैसा बचता है।
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यूनियन ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को चिट्ठी लिखकर अपनी शिकायतें बताई हैं। ड्राइवरों का कहना है कि सरकार की तरफ से कोई किराया तय नहीं है, इसलिए कंपनियां अपनी मर्जी से पैसे काटती हैं। इस वजह से ड्राइवरों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है और उनकी कमाई का कोई भरोसा नहीं रह गया है।
बता दें कि इस हड़ताल का आह्वान तेलंगाना गिग वर्कर्स यूनियन और दूसरे संगठनों ने मिलकर किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एलान किया कि 7 फरवरी को पूरे देश में ड्राइवर काम बंद रखेंगे। उनका कहना है कि न तो उनका कोई किराया तय है और न ही कोई नियम, बस उनका शोषण हो रहा है।
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यात्री रखे ये ध्यान
शनिवार को हड़ताल की वजह से आपको आने-जाने में काफी दिक्कत हो सकती है। सबसे पहली बात तो यह है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप्स पर गाड़ियां मिलना बहुत मुश्किल होगा। गाडियां कम होने से किराया बढ़ सकता है। ऐसे में अच्छा यही रहेगा कि घर से निकलने के लिए मेट्रो, बस या अपनी निजी गाड़ी जैसे दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करें।
इस हड़ताल के दौरान ड्राइवर लगभग 6 घंटे तक अपने ऐप्स से लॉग-ऑफ रहेंगे, खासकर सुबह और शाम के पीक टाइम में, जिससे यात्रियों को कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी बुक करने में भारी परेशानी हो सकती है।