ओडिशा में 2 सिर वाले बच्चे का जन्म, मध्य प्रदेश में 4 हाथ-पैर वाला नवजात; क्या है इस दुर्लभ स्थिति की वजह?

ओडिशा के बरहमपुर में दो सिर वाले जुड़वां शिशु का जन्म हुआ है, जबकि मध्य प्रदेश के छतरपुर में चार हाथ और चार पैर वाले नवजात ने जन्म लिया। ओडिशा में बच्चे को विशेष देखभाल इकाई में रखा गया है। छतरपुर के नवजात को विशेषज्ञ जांच के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 October 2026, 10:44 AM IST
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Odisha: ओडिशा और मध्य प्रदेश में जन्मे दो नवजात बच्चों के दुर्लभ मामलों ने लोगों का ध्यान खींचा है। ओडिशा के बरहमपुर में दो सिर वाले जुड़वां शिशु का जन्म हुआ है, जबकि मध्य प्रदेश के छतरपुर में चार हाथ और चार पैर वाले नवजात ने जन्म लिया। दोनों मामलों में डॉक्टर बच्चों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। मध्य प्रदेश में चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे जुड़े हुए जुड़वां बच्चों यानी Conjoined Twins से जुड़ा मामला बताया है।

ओडिशा में दो सिर वाले जुड़वां शिशु का जन्म

ओडिशा के कंधमाल जिले के तुमुडीबंध ब्लॉक स्थित तिड़ीपदर गांव निवासी रुनी माझी को प्रसव पीड़ा के बाद रविवार को बरहमपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां ऑपरेशन के जरिए उन्होंने दो सिर वाले जुड़वां शिशु को जन्म दिया।

नवजात का वजन करीब 2.6 किलोग्राम बताया गया है। सांस लेने में परेशानी होने के कारण उसे नवजात शिशु विशेष देखभाल इकाई (SNCU) में रखा गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम उसकी निगरानी कर रही है। जरूरत पड़ने पर बच्चे को भुवनेश्वर स्थित एम्स रेफर किया जा सकता है। वहीं, ऑपरेशन के बाद मां की हालत स्थिर बताई गई है।

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छतरपुर में चार हाथ-पैर वाला नवजात

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी एक दुर्लभ मामला सामने आया। हरद्वार गांव निवासी 27 वर्षीय नीता अहिरवार को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह उन्होंने सामान्य प्रसव के जरिए बच्चे को जन्म दिया। नवजात के शरीर पर चार हाथ और चार पैर दिखाई दिए।

इस मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया। प्रारंभिक जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि गर्भ में दो भ्रूण विकसित होने और उनमें से एक का विकास पूरी तरह नहीं हो पाने के कारण अतिरिक्त अंगों जैसी स्थिति बन सकती है।

जबलपुर रेफर, विशेषज्ञ करेंगे जांच

सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता के अनुसार, छतरपुर में जन्मे नवजात का वजन करीब तीन किलोग्राम था। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे विशेषज्ञ जांच के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।

डॉक्टर अब अतिरिक्त अंगों की संरचना, आंतरिक अंगों के विकास और रक्त संचार की स्थिति की जांच करेंगे। विस्तृत परीक्षण के बाद ही आगे के उपचार के बारे में निर्णय लिया जा सकेगा।

Conjoined Twins क्या हैं? यह एक दुर्लभ चिकित्सकीय स्थिति है, जिसमें जुड़वां भ्रूण पूरी तरह अलग नहीं हो पाते और उनके शरीर के कुछ हिस्से जुड़े रह सकते हैं। हालांकि, दोनों नवजातों की वास्तविक स्थिति और चिकित्सा संबंधी निष्कर्ष विशेषज्ञों की जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

Location :  Odisha

Published :  14 October 2026, 10:44 AM IST

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