Mumbai Fire: नालासोपारा की हाईराइज बिल्डिंग में भीषण आग, 14वीं मंजिल पर फंसी दो महिलाओं की दर्दनाक मौत

मुंबई के नालासोपारा में एक हाई-राइज बिल्डिंग की 14वीं मंजिल पर लगी भीषण आग से दो महिलाओं की मौत हो गई। जहरीले धुएं और जान बचाने के लिए 45 मिनट तक क्रेन के सहारे चले संघर्ष की पूरी और रोंगटे खड़े कर देने वाली रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 14 October 2026, 9:40 AM IST
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Mumbai: मुंबई से सटे नालासोपारा-वसई लिंक रोड स्थित 'इम्पीरियल हाइट्स' नामक एक ऊंची इमारत में उस वक्त कोहराम मच गया, जब लोग गहरी नींद में थे। आधी रात के सन्नाटे को चीरती हुई इस इमारत की चौदहवीं मंजिल से अचानक आग की तेज लपटें और काला धुआं निकलने लगा।

देखते ही देखते आग ने इतना भयानक रूप ले लिया कि पूरी बिल्डिंग में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आग की इस डरावनी तपिश ने सबको दहशत में ला दिया।

जहरीले धुएं ने छीनी दो मासूम जिंदगियों की सांसें

इस भीषण अग्निकांड की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि फ्लैट के अंदर फैला जहरीला धुआं लोगों के लिए मौत का परवाना बन गया। इस हादसे में फाल्गुनी शाह और अश्विनी पारकर नाम की दो महिलाओं की दम घुटने से तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

दोनों महिलाओं की उम्र 50 वर्ष थी। तुलिंज अस्पताल की डॉक्टर कविता जगदा के मुताबिक, शुरुआती जांच में मौत की मुख्य वजह धुएं के कारण सांस न ले पाना यानी दम घुटना माना जा रहा है। हालांकि, असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी।

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पैंतालीस मिनट तक मौत के मुंह में अटकी रहीं सांसें

चौदहवीं मंजिल पर जब मौत का तांडव चल रहा था, तब उसी घर के चार सदस्यों ने अपनी जान बचाने के लिए बालकनी के बाहर एक छोटी सी जगह का सहारा लिया। सिर के ऊपर भयानक लपटें और नीचे मीलों की दूरी इन चारों लोगों को अपनी जान हथेली पर रखकर करीब 40 से 45 मिनट तक मदद का इंतजार करना पड़ा। हर गुजरता सेकंड उनकी धड़कनें बढ़ा रहा था, और वे किसी चमत्कार की आस में अपनी जिंदगी की भीख मांग रहे थे।

अग्निशमन दल की देवदूत बनकर हुई एंट्री

इस विकट परिस्थिति में वसई-विरार महानगरपालिका का अग्निशमन दल समय रहते मौके पर पहुंच गया। जवानों ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला और चौदहवीं मंजिल तक पहुंचने के लिए बड़ी क्रेन का इस्तेमाल किया। क्रेन के जरिए ऊपर फंसे उन चारों डरे-सहमे लोगों तक सुरक्षित पहुंचा गया। जांबाज फायर फाइटर्स ने अपनी जान की परवाह न करते हुए चारों लोगों को सकुशल नीचे उतार लिया, जिससे एक बड़ा और बड़ा हादसा टल गया।

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लापरवाही या कोई साजिश? बड़े सवालों के जवाब बाकी

घटना के समय इलाके में नवरात्रि उत्सव के चलते भारी भीड़ मौजूद थी, जिससे राहत कार्यों में भी शुरुआती अड़चनें आईं। पूर्व महापौर रुपेश जाधव और आचोले पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर इतनी बड़ी इमारत में आग लगने की असली वजह क्या थी?

क्या बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के नियम सिर्फ कागजों पर थे या काम भी कर रहे थे? इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस और संबंधित विभागों की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएंगे।

Location :  Mumbai

Published :  14 October 2026, 9:40 AM IST

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