दिल्ली में Digital Arrest Scam का खुलासा, रिटायर्ड वैज्ञानिक से 1.25 करोड़ ठगे गए; 11 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने Digital Arrest Fraud के मामले में अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ कर 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने सेवानिवृत्त वैज्ञानिक प्रदीप कुमार दास से 1.25 करोड़ रुपये ठगे। जांच में संदिग्ध खातों में 1.96 करोड़ रुपये रोके गए और दूसरे राज्यों में साइबर ठगी के मामलों से भी तार जुड़े मिले।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 14 October 2026, 10:18 AM IST
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New Delhi: दिल्ली में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से 1.25 करोड़ रुपये ठग लिए। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों में 1.96 करोड़ रुपये की राशि पर रोक भी लगाई गई है।

फर्जी अधिकारी बनकर दी गिरफ्तारी की धमकी

पुलिस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पूर्व निदेशक प्रदीप कुमार दास (69) को 14 अगस्त को फोन आया था। फोन करने वालों ने खुद को दिल्ली पुलिस, आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) का अधिकारी बताया। आरोपियों ने दावा किया कि धनशोधन के एक मामले में उनके आधार विवरण का दुरुपयोग हुआ है। इसके बाद गिरफ्तारी की धमकी देकर उन्हें डराया गया।

वीडियो निगरानी में कराए 1.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर

पुलिस उपायुक्त गौरव त्यागी के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित से बैंक खाते की जानकारी हासिल की और उन्हें तीन बैंक खातों में RTGS के माध्यम से 1.25 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। इस दौरान पीड़ित को लगातार वीडियो निगरानी में रखा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल सेल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने पैसों के लेनदेन की कड़ियां जोड़कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

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टेलीग्राम से विदेश में बैठे साथियों के संपर्क में था मुख्य आरोपी

जांच में सामने आया कि गिरोह साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी ‘एमआर ट्रेडर्स’ के नाम से बैंक खाता संचालित कर रहे थे। पुलिस ने द्वारका सेक्टर-7 में छापा मारकर मोहम्मद महफूजार रहमान, इजहार आलम, अल्ताफ हुसैन, इंतखाब और अनीश खान को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, अनीश खान गिरोह का मुख्य संचालक था और टेलीग्राम के जरिए विदेश में बैठे सहयोगियों के संपर्क में रहता था। उसे कमीशन के तौर पर 5.5 प्रतिशत राशि USDT क्रिप्टोकरेंसी में मिलती थी।

दूसरे राज्यों में भी ठगी के मामलों से जुड़े तार

इस मामले में नीरज कुमार मित्तल, कंवर पाल, सैफ अली खान, रणबीर, प्रभात राय और अनिल सागू समेत छह अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इनकी भूमिका बैंक खाते उपलब्ध कराने और लेनदेन में मदद करने की थी।

जांच में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से भी गिरोह के संबंध सामने आए। आंध्र प्रदेश में 79 वर्षीय बोप्पना बापाराव से 10.25 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। आंध्र प्रदेश पुलिस के समन्वय से इस मामले में 7.25 करोड़ रुपये बचाए गए।

Location :  New Delhi

Published :  14 October 2026, 9:06 AM IST

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