Delhi Protest: प्रदर्शन के बाद कोर्ट का बड़ा फैसला, आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की हिरासत

CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने SEM कोर्ट में पेश किया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में कोर्ट ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जानें इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 14 October 2026, 9:29 AM IST
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New Delhi: दिल्ली में प्रदर्शन के मामले में सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को कोर्ट से झटका लगा है। दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को SEM कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दोनों नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था।

इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया था। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों नेताओं को अगले पांच दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना होगा। मामले में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

दोनों पर जंतर-मंतर के उस क्षेत्र में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने और बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप है। अदालत के आदेश के बाद दोनों नेताओं को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। वहीं, इसी मामले में अजिंक्य शिंदे से बेल बॉन्ड भरवाया गया है। इस कार्रवाई को लेकर सीजेपी नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश करने का आरोप

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सीजेपी नेता आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे ने मंगलवार को कथित तौर पर उस क्षेत्र में प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया है। पुलिस ने इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए तीनों को एहतियातन हिरासत में लिया था। पुलिस का आरोप है कि नेताओं ने बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया। इसके बाद उन्हें SEM कोर्ट में पेश किया गया, जहां सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

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अजिंक्य शिंदे से भरवाया गया बेल बॉन्ड

इस मामले में अजिंक्य शिंदे को लेकर अदालत ने अलग कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने उनसे बेल बॉन्ड भरवाया है। वहीं, सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। दोनों नेताओं को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, मामले में पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप और सीजेपी नेताओं के पक्ष को लेकर विवाद सामने आया है।

वकील ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

सीजेपी नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे की ओर से पेश अधिवक्ता अभिष्ट हेले ने न्यायिक हिरासत के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस आशंका के आधार पर दोनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की कि वे कोई अपराध कर सकते हैं।

वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत में गलत जानकारी दी कि तीनों नेताओं ने लोगों से वहां आने की अपील की थी। उनके मुताबिक, नेताओं ने ऐसी कोई अपील नहीं की और न ही बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया। उन्होंने कनॉट प्लेस से जुड़ी एक अलग शिकायत का इस्तेमाल इस मामले में किए जाने पर भी आपत्ति जताई।

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अभिजीत दीपके ने फैसले पर उठाए सवाल

सीजेपी के संयोजक अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना उनकी गलती है? दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए असहमति की आवाज दबाने के आरोप लगाए और कहा कि यदि सरकार ऐसा करना चाहती है तो उसे आपातकाल घोषित करने का साहस दिखाना चाहिए।

इस मामले में पुलिस के आरोपों और सीजेपी नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच अब अदालत की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

Location :  New Delhi

Published :  14 October 2026, 9:15 AM IST

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