जेन जी पर भड़के महाभारत के भीष्म पितामह बोले- देर होने से पहले इन कॉकरोच को बाहर फेंको

महाभारत फेम मुकेश खन्ना ने जेन जी के प्रोटेस्ट पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को 'कॉकरोच' बताते हुए चेतावनी दी कि ऐसी राजनीति से उनका भविष्य, करियर और वीजा संकट में पड़ सकता है। यह आंदोलन छात्रों का नहीं बल्कि साजिश का हिस्सा है।

Updated : 31 July 2026, 3:35 PM IST
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New Delhi: लोकप्रिय धारावाहिक 'महाभारत' में भीष्म पितामह का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने बेबाक बयानों के चलते चर्चा में आ गए हैं। इस बार उनका तीखा गुस्सा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) और उसके हालिया विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले जेन जी (Gen Z) युवाओं पर फूटा है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर प्रदर्शन में शामिल छात्रों को कड़ी चेतावनी दी है और उन्हें समाज के लिए बड़ा खतरा बताया है।

घर के कॉकरोच की तरह बाहर फेंकने की नसीहत

मुकेश खन्ना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि जिस तरह घर में कॉकरोच (कीड़े) आ जाने पर हम उन्हें ढूंढकर, पकड़कर और उठाकर बाहर फेंक देते हैं, ठीक वैसा ही सलूक इन लोगों के साथ भी किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान जोश में आकर अमर्यादित और गलत भाषा का प्रयोग करने वाले युवाओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनका हर एक बयान इतिहास में रिकॉर्ड हो चुका है।

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"गंदी नाली के कीड़े" और बर्बाद हो रहे करियर की चेतावनी

युवाओं को कड़ी फटकार लगाते हुए अभिनेता ने कहा कि इन संगठनों की संगत में रहकर युवा खुद को गंदी नाली के कीड़े जैसा बना चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके गंभीर परिणाम उन्हें खुद भुगतने होंगे। मुकेश खन्ना ने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह के कृत्यों के बाद कोई भी पुलिस उनकी मदद नहीं करेगी, कंपनियों द्वारा उन्हें नौकरी देने से हिचकिचाहट महसूस की जाएगी, सरकारी सहायता बंद हो सकती है और संभव है कि उन्हें विदेशों के वीजा भी न मिल सकें।

बाहरी फंडिंग और सरकार गिराने की साजिश का आरोप

वीडियो में आगे बोलते हुए अभिनेता ने सवाल उठाया कि अगर आने वाले 25 वर्षों में देश की कमान इन कंधों पर टिकेगी, तो देश का भविष्य कहां जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यह विरोध प्रदर्शन मूल रूप से नीट (NEET) के विरोध में शुरू नहीं हुआ था, बल्कि इसके पीछे सरकार गिराने की मंशा थी।

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उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के तुरंत बाद पार्टियां करने वाले ये लोग असल छात्र हो ही नहीं सकते, क्योंकि कोई भी पढ़ा-लिखा छात्र इतनी गंदी भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता। उनके अनुसार, यह पूरा आंदोलन बाहरी पैसों और प्रायोजित फंडिंग के बल पर चलाया गया था, इसलिए युवाओं को अपना करियर बर्बाद होने से पहले संभल जाना चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  31 July 2026, 3:35 PM IST

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