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एमपी में जहरीली शराब का कहर (Source: X)
भोपाल/सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से मौतों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जिला प्रशासन ने फिलहाल 10 मौतों की पुष्टि की है, जबकि कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मृतकों की संख्या 14 से 15 तक पहुंच चुकी है। कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लेकर नकली शराब के पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में नकली शराब के कारोबार का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के ललितपुर से सामने आया है। जांच के मुताबिक, ललितपुर में तैयार की गई नकली शराब को सागर जिले के सीमावर्ती गांवों में सप्लाई किया जाता था। शराब को असली दिखाने के लिए उस पर नकली रैपर, नकली ढक्कन और फर्जी QR कोड तक लगाए जाते थे।
बताया जा रहा है कि नकली शराब को गाड़ियों और बाइक के जरिए सागर के बढ़ोदिया, बांदरी, गूगरा खुर्ग, नौराज और बैराज समेत आसपास के गांवों में पहुंचाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और शराब की सप्लाई कितने समय से चल रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ के जरिए नकली शराब बनाने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने कई जगह छापेमारी भी शुरू कर दी है।
घटना के बाद प्रशासन ने शराब की दुकानों और अवैध शराब के ठिकानों की जांच तेज कर दी है। सागर में पांच शराब दुकानों को सील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
मौतों के आंकड़े को लेकर प्रशासन और विपक्ष के दावों में अंतर है। जिला प्रशासन की ओर से अभी 10 मौतों की पुष्टि की गई है, जबकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह संख्या बढ़कर 14 से 15 तक पहुंच गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दावा किया कि 25 से ज्यादा लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
सिंघार ने सरकार पर अवैध शराब के कारोबार को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने भी प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
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पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर शराबबंदी की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि अवैध शराब का नेटवर्क लगातार सक्रिय है तो इसके पीछे कहीं न कहीं संरक्षण और प्रशासनिक लापरवाही की जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र चौधरी ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। वहीं आम आदमी पार्टी के संयुक्त सचिव लक्ष्मीकांत राज ने पूरे मामले की CBI जांच कराने और मृतकों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और मृतकों के परिवारों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में हुई मौतों को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन का पूरा ध्यान नकली शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने और अस्पताल में भर्ती लोगों के इलाज पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होने की उम्मीद है कि जहरीली शराब का यह नेटवर्क कितना बड़ा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
Location : Bhopal
Published : 6 September 2026, 3:41 PM IST