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भारत के ASAT टेस्ट से अमेरिका में मची थी हलचल(Source: Pinterest)
New Delhi: भारत के मिशन शक्ति ने 2019 में पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अब अमेरिका के पूर्व वायुसेना और खुफिया अधिकारी डेविड ग्रुश ने एक इंटरव्यू में उस समय का अपना अनुभव साझा किया है। जो रोगन के पॉडकास्ट में ग्रुश ने दावा किया कि जब भारत ने अपने ही उपग्रह को एंटी-सैटेलाइट मिसाइल से निशाना बनाया, तब अमेरिकी नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफिस (NRO) में अचानक गतिविधियां तेज हो गई थीं।
ग्रुश के मुताबिक, वह उस समय NRO के ऑपरेशंस सेंटर में ड्यूटी पर थे। उन्होंने बताया कि भारतीय मिसाइल परीक्षण ने अमेरिकी अधिकारियों को अचानक सक्रिय कर दिया। उनके अनुसार, शुरुआत में अमेरिकी पक्ष को यह स्पष्ट नहीं था कि भारत का परीक्षण उसके अपने उपग्रह को निशाना बनाने वाला ASAT टेस्ट है।
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ग्रुश ने बताया कि परीक्षण के बाद NRO के अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता अंतरिक्ष में बनने वाले मलबे को लेकर थी। उन्होंने ऑर्बिटल एनालिस्टों से मलबे के संभावित क्षेत्र का आकलन करने को कहा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इससे अमेरिकी जासूसी उपग्रहों के लिए कोई खतरा तो नहीं है। उनके अनुसार, उन्होंने इस दौरान अमेरिकी दूतावास से भी संपर्क किया था।
भारत ने 27 मार्च 2019 को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का परीक्षण किया था। DRDO के अनुसार, इस परीक्षण में लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद भारतीय उपग्रह Microsat-R को ‘हिट-टू-किल’ तकनीक से सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया।
Microsat-R को ISRO ने 24 जनवरी 2019 को PSLV-C44 के जरिए 274 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया था। ISRO के रिकॉर्ड के मुताबिक यह एक इमेजिंग सैटेलाइट था और बाद में मिशन शक्ति के दौरान इसे ASAT परीक्षण के लक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया गया।
मिशन शक्ति की सफलता के बाद भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसी क्षमता प्रदर्शित करने वाला दुनिया का चौथा देश बना। DRDO के अनुसार, इस परीक्षण ने भारत की अंतरिक्ष में रणनीतिक और रक्षा क्षमता को प्रदर्शित किया।
ASAT परीक्षण के बाद अंतरिक्ष में पैदा हुए मलबे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई थी। यही वजह थी कि अमेरिकी NRO जैसे संगठन संभावित ऑर्बिटल जोखिमों का आकलन कर रहे थे। ग्रुश की हालिया टिप्पणी इसी तत्काल प्रतिक्रिया से जुड़ी उनकी व्यक्तिगत स्मृति और दावे को सामने लाती है।
Location : New Delhi
Published : 4 October 2026, 3:56 PM IST
Topics : DRDO India ASAT Test ISRO Microsat R Mission Shakti