JSSC CGL नियुक्तियां रद्द नहीं होगी रद्द, झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार का आदेश किया निरस्त; जांच रहेगी जारी

JSSC CGL नियुक्तियां रद्द करने के झारखंड सरकार के आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जबकि कथित धांधली की CID जांच जारी रहेगी।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 6 November 2026, 1:14 PM IST
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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सफल अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। इससे सीजीएल परीक्षा के माध्यम से चयनित और नियुक्त अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं की अभी जांच जारी रहेगी।

सरकार ने 18 अगस्त को रद्द की थी नियुक्तियां 

दरअसल, झारखंड सरकार ने CID की जांच रिपोर्ट और अभ्यर्थियों के आंदोलन का हवाला देते हुए 18 अगस्त को JSSC CGL समेत कुछ अन्य भर्ती परीक्षाओं और उनके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश जारी किया था। सरकार के इस फैसले के बाद चयनित अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। आदेश को चुनौती देते हुए सफल अभ्यर्थी आकाश गौरव और अन्य ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं।

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चयन प्रक्रिया रद्द करने पर उठे थे सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि अगर भर्ती प्रक्रिया में कुछ लोगों ने गड़बड़ी की है, तो उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। कुछ अभ्यर्थियों की गलतियों के लिए पूरी चयन प्रक्रिया और सभी सफल उम्मीदवारों की नियुक्तियां रद्द करना किसी भी तरह से उचित नहीं है।

वहीं, राज्य सरकार ने अदालत में सीलबंद जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और व्यवस्था की विफलता का हवाला देते हुए अपने फैसले का बचाव किया था।

8 अक्टूबर को सुरक्षित रखा था फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस पहलू पर भी विचार किया कि कथित गड़बड़ियों के आधार पर सभी चयनित अभ्यर्थियों को एक साथ दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने 8 अक्टूबर को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस दौरान हाईकोर्ट ने नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर पहले से लगी अंतरिम रोक को भी बरकरार रखा था। इसके चलते प्रभावित कर्मचारी अंतिम फैसले तक अपने पदों पर काम जारी रख सके थे।

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हाईकोर्ट की निगरानी में जारी रहेगी की जांच

इससे पहले 18 सितंबर को हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश गौतम कुमार चौधरी को नियुक्त किया था। वहीं, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी आरके मल्लिक को जांच प्रक्रिया में सहयोग के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया था।

अदालत ने साफ निर्देश दिया था कि निष्पक्ष तरीके से चयनित अभ्यर्थियों को जांच के नाम पर परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट के ताजा फैसले से सीजीएल नियुक्तियों को रद्द करने के झारखंड सरकार के आदेश को झटका लगा है। हालांकि, अदालत ने परीक्षा में कथित धांधली से जुड़ी सीआईडी जांच जारी रखने का रास्ता साफ रखा है। ऐसे में नियुक्तियां फिलहाल के लिए रद्द नहीं होंगी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों की जांच जारी रहेगी। मामले में हाईकोर्ट के विस्तृत आदेश का इंतजार है।

Location :  Ranchi

Published :  6 November 2026, 1:14 PM IST

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