दुर्गोत्सव पर भक्तिमय हुआ बाबा नगरी देवघर, पंडालों में उमड़ेंगे श्रद्धालु; सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट

शारदीय दुर्गा पूजा की नवमी के अवसर पर बाबा नगरी देवघर में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल है। इसको देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 19 October 2026, 3:26 PM IST
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Deoghar: शारदीय दुर्गा पूजा की नवमी के अवसर पर बाबा नगरी देवघर में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल है। शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। नवमी और दशमी को संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। पूजा समितियों के सदस्य, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता भी श्रद्धालुओं की सुविधा तथा व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं।

शहर के अपर बिलासी, बीच बिलासी, कृष्णापुरी कॉलोनी समेत कई इलाकों में आकर्षक सजावट और भव्य पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कई पंडालों के निर्माण और सजावट पर बड़ी राशि खर्च की गई है। पूजा समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के आवागमन और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी तैयारियां की गई हैं।

सुरक्षा के लिए पुलिस की विशेष निगरानी

दुर्गा पूजा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस बल लगातार गश्ती कर रहा है। संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, जबकि अग्निशमन दस्ते की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों से निपटने के लिए पुलिस की टीम तैयार है। पूजा के दौरान शांति भंग करने, उपद्रव फैलाने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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डीजे और फूहड़ गानों पर प्रशासन की नजर

दुर्गा पूजा के दौरान ध्वनि प्रदूषण और अशोभनीय गीतों को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। निर्धारित समय के बाद डीजे बजाने पर रोक और ध्वनि संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। धार्मिक माहौल की गरिमा बनाए रखने के लिए पूजा समितियों और आयोजकों से भी सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।

वहीं, गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर में फूहड़ गानों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह देवघर की धरती से जुड़े हुए हैं और उनका जन्म भी यहीं हुआ है। उनके मुताबिक, उन्होंने देवघर में दुर्गा पूजा के दौरान फूहड़ गाने बजते हुए नहीं देखे हैं। उनका यह बयान पूजा के दौरान गीत-संगीत और धार्मिक वातावरण को लेकर जारी चर्चा के बीच महत्वपूर्ण है।

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सामाजिक कार्यकर्ता भी सेवा में जुटे

बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में पूजा के दौरान सामाजिक सेवा की परंपरा भी देखने को मिल रही है। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता बाबा बलियासे से गरीबों और असहाय लोगों के बीच सेवा कार्य करते रहे हैं। दुर्गा पूजा के अवसर पर उन्होंने विभिन्न पूजा पंडालों में सहयोग और योगदान दिया है। बीच बिलासी में निर्मित पूजा पंडाल के आयोजन और व्यवस्था से जुड़े प्रयासों में भी उनका योगदान बताया जा रहा है।

पूजा समितियों के स्वयंसेवक भी श्रद्धालुओं की सहायता, भीड़ को व्यवस्थित रखने और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में जुटे हैं। नवमी और दशमी के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

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आस्था, परंपरा और अनुशासन के साथ मनाई जा रही नवमी

नवमी का दिन मां दुर्गा की आराधना में विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर मंदिरों और पूजा स्थलों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। बाबा बैद्यनाथ धाम की धार्मिक परंपराओं में बलि-अर्पण का भी उल्लेख मिलता है, हालांकि इससे संबंधित अनुष्ठानों की प्रकृति और व्यवस्था अलग-अलग धार्मिक स्थलों तथा परंपराओं के अनुसार भिन्न हो सकती है। ऐसे आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

कुल मिलाकर, नवमी और दशमी को लेकर देवघर में धार्मिक उत्साह के साथ सुरक्षा और सेवा की तैयारियां तेज हैं। प्रशासन, पूजा समितियां, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ता मिलकर यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि श्रद्धालु शांतिपूर्ण वातावरण में मां दुर्गा का दर्शन कर सकें और पर्व सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न हो।

Location :  Deoghar

Published :  19 October 2026, 3:26 PM IST

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