फिर दहली दिल्ली: महरौली में मासूम से बर्बरता, पुलिस ने 6 घंटे में आरोपी को दबोचा

देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है, महरौली थाना क्षेत्र के छतरपुर एक्सटेंशन इलाके में एक 11 वर्षीय बच्ची के खिलाफ हुए जघन्य अपराध ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगे यहां पढ़े।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 23 June 2026, 1:52 PM IST
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New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर एक दुखद घटना से दहल गई है। महरौली थाना क्षेत्र के छतरपुर एक्सटेंशन इलाके में एक 11 वर्षीय बच्ची के खिलाफ हुए जघन्य अपराध ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 6 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का विवरण

यह मामला सोमवार, 22 जून का है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे जब बच्ची अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी, तभी एक व्यक्ति ने उसे अगवा कर लिया। जांच में पता चला है कि आरोपी पेशे से एक कैब ड्राइवर है, जिसने मासूम के साथ इस गंभीर अपराध को अंजाम दिया और फिर उसकी हत्या कर दी।

आरोपी की गिरफ्तारी और शव बरामदगी

घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तुरंत कई टीमें गठित कीं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और 6 घंटे के अंदर आरोपी कैब ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के पास स्थित वन क्षेत्र से बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सुरक्षा और न्याय की मांग

इस घटना के बाद छतरपुर और आसपास के इलाकों में स्थानीय निवासियों के बीच गहरा रोष है। लोग फुटपाथ पर रहने वाले निराश्रित परिवारों और बच्चों के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे हैं। समाज के विभिन्न वर्गों ने इस जघन्य काम की निंदा की है और फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए अपराधी को सख्त से सख्त सजा दिलाने की अपील की है।

दिल्ली में बच्चों की सुरक्षा: कुछ प्रमुख ऐतिहासिक मामले

दिल्ली में समय-समय पर बच्चों के साथ हुई आपराधिक घटनाओं ने समाज को झकझोरा है और कानूनी बदलावों की नींव रखी है:

 2013 का मामला

साल 2013 में पूर्वी दिल्ली में एक मासूम बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस मामले के बाद बच्चों की सुरक्षा और उनके खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए बने पॉक्सो कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर व्यापक चर्चा शुरू हुई। लोगों ने सवाल उठाए कि कानून होने के बावजूद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रही है। इस घटना ने पुलिस व्यवस्था, समाज की जिम्मेदारी और न्याय प्रक्रिया की गति को लेकर गंभीर बहस छेड़ी थी। मामले के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त कदमों की मांग तेज हो गई।

 2021 की घटना

साल 2021 में दिल्ली कैंट इलाके में एक बच्ची के साथ हुई जघन्य घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इस घटना के बाद सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा, पुलिस पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग तेज हो गई। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जरूरत बताई। मामले ने यह स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सिर्फ कानून पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन और सतर्क पुलिसिंग भी बेहद जरूरी है।

Location :  New Delhi

Published :  23 June 2026, 1:52 PM IST

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