संसद के बजट सत्र 2026 में आज का दिन अहम है। विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर जवाब देंगी। PM-KISAN की किस्त बढ़ाने की मांग और लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

बजट बहस और अविश्वास प्रस्ताव से गरमायेगा सदन (Img- Internet)
New Delhi: संसद के बजट सत्र 2026 का आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन शुरुआत से ही विपक्ष के हंगामे के कारण सदन का माहौल गर्म रहा। विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोल रहे हैं।
हंगामे के बीच दोपहर करीब 2 बजे से बजट पर विस्तृत चर्चा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में आज की बहस को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई संवेदनशील मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं।
बीते मंगलवार को कांग्रेस सांसद और तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत किसानों को दी जाने वाली 2,000 रुपये की किस्त को अपर्याप्त बताया। थरूर ने कहा कि बढ़ती महंगाई, उर्वरकों और डीजल की कीमतों में वृद्धि के बीच यह राशि किसानों के लिए नाकाफी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को राहत देने के लिए इस सहायता राशि में बढ़ोतरी पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनके इस बयान के बाद सदन में किसानों की आय और कृषि नीतियों को लेकर बहस और तेज हो गई है।
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आज लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर हुई चर्चा का जवाब देंगी। इसे बजट सत्र का एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि वह विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों, खासकर किसानों, महंगाई, रोजगार और सामाजिक योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से सरकार का पक्ष रखेंगी।
साथ ही वह बजट 2026 के प्रमुख प्रावधानों और सरकार की आर्थिक रणनीति को स्पष्ट करेंगी। संसद में जारी गतिरोध के बीच उनके बयान पर सभी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं।
आज सदन में लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा की संभावना है। 10 फरवरी को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था। कांग्रेस सांसद के. सुरेश, गौरव गोगोई और मोहम्मद जावेद ने लोकसभा महासचिव के कक्ष में पहुंचकर नोटिस की प्रति सौंपी थी।
विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही निष्पक्ष ढंग से नहीं चलाई जा रही है। हालांकि सत्तापक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया है। यदि इस प्रस्ताव पर चर्चा होती है तो यह सत्र का एक और बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर संसद का आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है। एक ओर बजट पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है, वहीं दूसरी ओर अविश्वास प्रस्ताव जैसे मुद्दों ने माहौल को और गरमा दिया है। किसानों से जुड़े सवाल, महंगाई और संसदीय प्रक्रिया को लेकर उठ रहे विवाद आने वाले दिनों में सत्र की दिशा तय कर सकते हैं। अब सबकी नजरें वित्त मंत्री के जवाब और सदन की कार्यवाही पर टिकी हैं।